सावन में इस साल दुर्लभ महासंयोग, तीसरे सोमवार को होगी नागपंचमी; 23 वर्ष बाद विशेष फलदायी संयोग
इस साल सावन में 23 साल बाद एक दुर्लभ महासंयोग बन रहा है, जिसमें नागपंचमी तीसरे सोमवार, 17 अगस्त को पड़ रही है। इस सोमवती नागपंचमी पर भगवान शिव की पूजा ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
नागपंचमी 23 साल बाद सावन के सोमवार को।
17 अगस्त को पड़ेगा सावन का तीसरा सोमवार।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। देवों के देव महादेव का अति प्रिय मास सावन इस बार अपने साथ कई दुर्लभ और शुभ महासंयोग लेकर आ रहा है। इस वर्ष श्रावण मास का प्रारंभ 30 जुलाई, बुधवार से हो रहा है, 28 अगस्त शुक्रवार को रक्षाबंधन तक चलेगा।
सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस बार सावन का सबसे महत्वपूर्ण पर्व नागपंचमी 23 वर्षों के अंतराल के बाद पुनः सोमवार के दिन पड़ रहा है, जिससे इसका महत्व कई गुना बढ़ गया है।
ज्योतिषाचार्य हृदय रंजन शर्मा के अनुसार श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि अर्थात नागपंचमी इस बार सावन के तीसरे सोमवार यानी 17 अगस्त सोमवार को पड़ रही है। इससे पहले वर्ष 2003 में नागपंचमी सोमवार को पड़ी थी और अब 23 साल बाद फिर यही योग बना है ।सोमवार का दिन स्वयं भगवान शिव को समर्पित है और नाग देवता शिव के गले का हार हैं।
इसलिए सोमवार को नागपंचमी पड़ने से इसे सोमवती नागपंचमी कहा जाएगा। इस दिन इस दिन शिवलिंग पर चंदन, बेलपत्र और दूध में गंगाजल मिलाकर अभिषेक करना विशेष पुण्यदायी होगा। सावन के सोमवारों पर विशेष कृपा रहने की मान्यता है। हर सोमवार को सर्वार्थ सिद्धि योग और शिववास का संयोग भी बन रहा है, जो मनोकामना पूर्ति के लिए सर्वोत्तम है।
इस बार सावन में कुल चार सोमवार पड़ेंगे
- पहला सोमवार - 3 अगस्त
- दूसरा सोमवार - 10 अगस्त
- तीसरा सोमवार - 17 अगस्त (नागपंचमी महासंयोग)
- चौथा सोमवार - 24 अगस्त