यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Sukhdev Singh Gogamedi Murder: करणी सेना के नेतृत्व में अलीगढ़ में प्रदर्शन, दोषियों के एनकाउंटर की मांग
Sukhdev Singh Gogamedi Murder श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के विरोध में देश के अलग-एलग राज्यों ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के विरोध में गुरुवार को दूसरे दिन शहर में प्रदर्शन हुआ। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा व करणी सेना के नेतृत्व में सुबह से लोग तस्वीर महल स्थित राजा महेंद्र प्रताप सिंह पार्क पर एकत्रित हुए। इनके साथ सवर्ण समाज, किसान मोर्चा, भूतपूर्व सैनिक संगठन सहित कई संगठनों ने समर्थन दिया।
तय होने के बाद प्रदर्शनकारी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर बेमियादी धरना पर बैठ गए। वक्ताओं ने राजस्थान की तत्कालीन सरकार को कोसा। चेतावनी दी कि सरकार आरोपित जिंदा या मुर्दा तत्काल पकड़े। वक्ताओं ने दोषियों का एनकाउंटर की मांग की।
बेमियादी धरना देने की धमकी
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 72 घंटे के अंतराल में साजिश कर्ता व हत्यारों को गिरफ्तार या जिंदा या मुर्दा नहीं पकड़ा तो बेमियादी धरना फिर दिया जाएगा। दोपहर बाद राजस्थान सरकार ने दिवंगत गोगामेड़ी की पत्नी शीला गोगामेड़ी की 11 सूत्रीय मांगों को राजस्थान सरकार मानने पर धरना तीन दिन के लिए स्थगित कर दिया।
एक सच्चा वीर राजपूत खोया है
महासभा के जिलाध्यक्ष विवेक चौहान ने बताया कि गोगामेड़ी की हत्या को लेकर देशभर में उबाल है। देश ने एक सच्चा वीर राजपूत व राष्ट्रभक्त खोया है। विभिन्न संगठनों ने आज प्रदेश बंद का आह्वान किया था। इससे राजस्थान सरकार की चूल्हे हिल गईं। कई जगह हुए जबरदस्त आंदोलन से केंद्र सरकार तक चर्चाएं हुईं। अगर 72 घंटे के अंतराल में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो देशव्यापी उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
खबरें और भी
ये लोग रहे मौजूद
पूर्व ब्लाक प्रमुख हसायन, हाथरस सुमंत किशोर सिंह ने गोगामेड़ी हत्या की निंदा की है। तेजबीर सिंह व राहुल जादौन ने कहा कि हम संवैधानिक तरीके से हर संघर्ष के लिए तैयार हैं। इस मौके पर पारस चौहान, प्रमोद चौहान, मुकेश रावल, सुधीर जादौन, बच्चू सिंह, हरबीर सिंह, अजीत पाल सिंह राघव, गजेंद्र सिंह राघव, गोपाल सिंह राणा, अनिल मौजूद रहे।