बर्खास्त सिपाही ने रची खौफनाक साजिश, अलीगढ़ में जिंदा जला दिया भिखारी; खुद को मुर्दा घोषित कराने को रखा अपना मोबाइल
बर्खास्त जीआरपी सिपाही रामवीर ने खुद को मृत साबित करने के लिए एक भिखारी को जिंदा जला दिया। हाथरस में ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, हाथरस। भीख मांगने वाले व्यक्ति की हत्या करने वाला कोई और नहीं बल्कि जीआरपी का बर्खास्त सिपाही रामवीर निकला। खुद को मुर्दा साबित करने के लिए उसने भिखारी को जिंदा जला दिया। शव के पास अपना मोबाइल व अन्य दस्तावेज रख दिए, ताकि पुलिस उसे ही मरा समझ ले।
ऐसा उसने अलीगढ़, फिरोजाबाद, मुरादाबाद के 13 थानों में दर्ज 24 मुकदमों में जेल जाने से बचने के लिए किया। पूर्वोत्तर रेलवे मथुरा-कासगंज के बीच हाथरस रोड हाल्ट स्टेशन के टिन शेड में भीख मांगकर गुजारा करने वाले अज्ञात व्यक्ति का 12 मार्च का जला हुआ शव मिला था।
थाना जीआरपी हाथरस सिटी में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। पुलिस को मौके से जला हुआ मोबाइल, आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज मिले। जिससे जांच की सूई बर्खास्त सिपाही रामवीर की ओर घूमती चली गई। जीआरपी ने उसकी लोकेशन ट्रेस की तो वह डेढ़ से दो घंटा तक घटनास्थल के आसपास नजर आया।
एसआइ का भी सहारा लिया गया। जीआरपी हाथरस सिटी सुयश सिंह चंदेल के अनुसार ठोस सबूतों के आधार पर 14 अप्रैल को रामवीर को दबोच लिया। वह मैनपुरी के किशनी थाना क्षेत्र के गांव वघैनी का रहने वाला है। नौकरी के दौरान अभियुक्त काे आपराधिक घटनाओं में संलिप्तता पाए जाने पर बर्खास्त कर दिया गया था।
पूछताछ में पता चला कि उसने खुद को मृत दर्शाने के लिए भिखारी की हत्या की। इसके लिए उसने ऐसे व्यक्ति को जलाकर मारने की योजना बनाई, जिसकी कोई पैरवी करने वाला न हो। शव जला हुआ होने से पहचान न हो सके। शव के पास उसने मोबाइल, आधार कार्ड आदि दस्तावेज भी रख दिए।
जले हुए मोबाइल की सिम निकाल कर जीआरपी ने दूसरे मोबाइल में डालकर नंबरों की जांच की। लोकेशन का भी पता किया। इसके बाद उसे दबोच लिया।
जिला अस्पताल में उपचार भी कराया
आरोपित रामवीर भिखारी को जलाने के दौरान खुद भी झुलस गया था। दूसरे दिन वह उपचार कराने के लिए जिला अस्पताल भी गया। तब उसे कोई पहचान नहीं पाया था।
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