Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    भाजपा की 2027 यूपी चुनाव रणनीति: सबसे युवा सुरेंद्र दिलेर को मंत्री बनाकर दलित वोट साधने की तैयारी, पश्चिमी UP में बढ़ेगी मजबूती

    Updated: Mon, 11 May 2026 07:54 AM (IST)

    भाजपा ने 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी में खैर विधायक सुरेंद्र दिलेर को मंत्री बनाकर दलित वोटों को साधने की रणनीति बनाई है। यह कदम पश्चिमी यूप ...और पढ़ें

    लखनऊ में शपथ ग्रहण के बाद मां रजनी दिलेर के साथ राज्यमंत्री बनाए सुरेद्र दिलेर व अनय । सौ. समर्थक

    लखनऊ में शपथ ग्रहण के बाद मां रजनी दिलेर के साथ राज्यमंत्री बनाए सुरेद्र दिलेर व अनय । सौ. समर्थक

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    संतोष शर्मा, जागरण अलीगढ़ बंगाल चुनाव में भगवा लहराने के बाद भाजपा की नजर अब 2027 में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव पर है। उससे पहले पार्टी हर राजनीतिक हथियार को धार देने में लगी है जिससे चुनावी समर में विपक्ष पर हमलावर हो सके।

    खैर विधायक सुरेंद्र दिलेर को मंत्री मंडल में शामिल कर पार्टी ने यही संकेत दिया है। दिलेर भाजपा में एकमात्र ऐसे विधायक हैं जो वाल्मीकि समाज से आते हैं। उन्हें मंत्री बनाकर पार्टी दलित वोटों को और मजबूती से साध सके। चुनाव प्रचार में पार्टी दिलेर को दलित चेहरा बनाकर भी पेश कर सकती है।

    खैर विधायक को मंत्री मंडल में शामिल कर पार्टी ने कई जातियों को साधा

    खैर विधानसभा क्षेत्र से विधायक सुरेंद्र दिलेर को मंत्री बनाए जाना इस लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि क्योंकि हाथरस सांसद अनूप प्रधान इसी सीट से विधायक रहते हुए योगी सरकार में राज्यमंत्री थे। 2024 में लोकसभा चुनाव में पार्टी ने अनूप प्रधान को हाथरस सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ाया और वो जीते भी। लोकसभा चुनाव के बाद इस सीट पर हुए उपचुनाव में सुरेंद्र दिलेर जीतकर विधायक बने थे। पार्टी ने उन्हें मंत्री बनाकर खाली हुए मंत्री के पद को भी भरने का काम किया है।

    सुरेंद्र दिलेर के सामने अपने को साबित करने का भी मौका

    भाजपा के लिए अलीगढ़ राजनीतिक लिहाज से महत्वपूर्ण है। अलीगढ़ की सभी सात विधानसभा सीटों पर भाजपा के विधायक हैं। सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष और मेयर भी भाजपा से हैं। पश्चिमी उत्तर में भाजपा की करीब से नजर रहती है। दिल्ली एनसीआर के नजदीक होने के चलते लोकसभा और विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए इस क्षेत्र से जीतना अहम हो जाता है।

    खबरें और भी

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी अपने भाषणों अलीगढ़ का जिक्र करना नहीं भूलते

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी अपने भाषणों अलीगढ़ का जिक्र करना नहीं भूलते। जेवर एयर पोर्ट के उद्घाटन समारोह में भी यह देखने को मिला। खैर के नजदीक होने के चलते पार्टी प्रबंधन ने खैर विधायक सुरेंद्र दिलेर को मंच पर जगह दी थी। इसके बाद से माना जा रहा था पार्टी दिलेर को कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है।

    राजनीतिक के दिलेर थे दादा

    मंत्री बनाए गए सुरेंद्र दिलेर को राजनीतिक विरासत में मिली। उनके दादा किशनलाल दिलेर पार्टी के मजबूत स्तंभ थे। ताउम्र पार्टी से जुड़े रहे। भाजपा के गठन के बाद 1980 में जब पहला विधानसभा का चुनाव हुआ तो जिले की दसों सीटों पर पार्टी खाता नहीं खोल सकी थी। कोल सीट से पूर्व सांसद किशनलाल दिलेर और अतरौली से पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ही जमानत बचाने में सफल रहे थे। किशनलाल दिलेर और कल्याण सिंह ही थे जिन्होंने पार्टी के जड़ों को जमाने का काम किया।

    परिणाम 1985 में देखने को मिला

    पार्टी से लोगों को जोड़ने के लिए घर-घर गए। इसका परिणाम 1985 में देखने को मिला। इस साल हुए विधानसभा चुनाव में कोल से किशनलाल दिलेर और अतरौली से कल्याण सिंह ने पहली बार जीत का परचम लहराया। किशनलाल दिलेर चार बार सांसद और पांच बार विधायक चुने गए। सुरेंद्र के पिता राजवीर दिलेर भी इगलास से विधायक और हाथरस से सांसद निर्वात हुए।

    जिले को फिर मिले दो मंत्री, पश्चिमी यूपी में बढ़ेगी मजबूती

    पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह परिवार और दिलेर परिवार के राजनीतिक सफर में भी कई समानताएं देखी जा रही हैं। दोनों परिवारों की तीन-तीन पीढ़ियां सक्रिय राजनीति में रही हैं। कल्याण सिंह सांसद व विधायक रहे, उनके पुत्र भी सांसद-विधायक बने और तीसरी पीढ़ी में संदीप सिंह विधायक से मंत्री बने। इसी तरह किशनलाल दिलेर के बाद दूसरी पीढ़ी में राजवीर सिंह दिलेर सांसद-विधायक बने और अब तीसरी पीढ़ी में सुरेंद्र दिलेर विधायक हैं।

    भाजपा संगठन के स्थानीय नेताओं का मानना है कि अगर सुरेंद्र दिलेर को मंत्रिमंडल में जगह मिलती है तो इससे पश्चिमी यूपी में अनुसूचित जाति वर्ग में पार्टी को राजनीतिक मजबूती मिलेगी। वहीं जिले को भी सरकार में एक और प्रतिनिधित्व मिल सकता है। फिलहाल सभी की नजरें लखनऊ पर हैं।

    यह भी पढ़ें- कौन हैं सुरेंद्र दिलेर? जो योगी सरकार में बने राज्यमंत्री, राजनीति की तीसरी पीढ़ी और PDA की काट


    सुरेन्द्र दिलेर सबसे युवा, कैलाश राजपूत सबसे उम्रदराज

    योगी मंत्रिमंडल के विस्तार में जिन छह मंत्रियों को शामिल किया गया है उनमें सबसे युवा मंत्री सुरेन्द्र दिलेर हैं। उनकी उम्र करीब 33 वर्ष है। सबसे अधिक उम्र के मंत्री कैलाश राजपूत हैं। उनकी उम्र 70 वर्ष है। इसी प्रकार मंत्रिमंडल में शामिल सभी मंत्रियों में सबसे अधिक उम्र पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना की हैं। उनकी उम्र करीब 78 वर्ष है।