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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    UP: हाईकोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार से पूछा, क्या सरकारी फंड से मदरसों में धार्मिक शिक्षा दी जा सकती है...?

    By Jagran NewsEdited By: Prabhapunj Mishra
    Updated: Fri, 31 Mar 2023 03:36 PM (GMT+05:30)

    केन्‍द्र और राज्‍य सरकार से इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सरकारी धन से धार्मिक शिक्षा द‍िए जाने पर सवाल पूछा है। मदरसों में धार्मिक शिक्षा द‍िए जाने के मामले ...और पढ़ें

    Allahabad High Court: मदरसों में धार्मिक शिक्षा के मामले में हाईकोर्ट ने केन्‍द्र व राज्‍य सरकार से पूछा सवाल
    Allahabad High Court: मदरसों में धार्मिक शिक्षा के मामले में हाईकोर्ट ने केन्‍द्र व राज्‍य सरकार से पूछा सवाल

    प्रयागराज, जेएनएन। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि क्या सरकारी धन धार्मिक शिक्षा दी जा सकती है? ऐसा करना क्या अनुच्छेद 14, 25, 26, 29 व 30 का उल्लंघन नहीं है? कोर्ट ने केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मामलों के सचिव व राज्य सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग से छह हफ्ते में जवाब मांगा है।

    यह आदेश न्यायमूर्ति डीके सिंह ने जौनपुर के मदरसा अध्यापक एजाज़ अहमद की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने याची को नियुक्ति तिथि से वेतन भुगतान करने का भी निर्देश दिया है।

    मामले के अनुसार एजाज अहमद जौनपुर के सुदनीपुर इलाके में संचालित होने वाले मदरसा समदानियां इस्लामिया के शिक्षक है। वेतन से जुड़े विवाद को लेकर उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इनका कहना है कि मदरसे को सरकारी फंड मिल रहा है फिर भी उसे वेतन नहीं दिया जा रहा है।