666 करोड़ का नार्थ-साउथ कॉरिडोर विकास को देगा नई उड़ान, अंबेडकरनगर में बनेगा 29 किमी लंबा फोरलेन हाइवे
अंबेडकरनगर में 29.700 किमी लंबा नार्थ-साउथ कॉरिडोर 665.65 करोड़ रुपये की लागत से टांडा से सुलतानपट्टी सुरहुरपुर तक फोरलेन में बनेगा।

HighLights
666 करोड़ का नार्थ-साउथ कॉरिडोर 29.700 किमी लंबा।
टांडा से सुलतानपट्टी सुरहुरपुर तक फोरलेन में होगा निर्माण।
अंबेडकरनगर में विकास और व्यवसाय के नए अवसर।
अरविंद सिंह, अंबेडकरनगर। टांडा से बरियावन होते हुए सुलतानपट्टी सुरहुरपुर तक फोरलेन में बनने वाला नार्थ-साउथ कॉरिडोर विकास की नई इबारत लिखने वाला है। टांडा, अकबरपुर एवं जलालपुर तहसीलों से होकर गुजरने वाला 29.700 किलोमीटर का यह कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग-233 (टांडा-लुंबिनी) समेत राज्यमार्ग-30 (अयोध्या से बसखारी) तथा राष्ट्रीय राजमार्ग 135-ए (अकबरपुर-शाहगंज) के अलावा मालीपुर-जलालपुर-रामगढ़ मार्ग, दोस्तपुर -अकबरपुर-जलालपुर-न्योरी मार्ग को जोड़ेगा।
इस पर बरियावन बाजार में फोरलेन ओवरब्रिज व सुलतानगढ़ में तमसा नदी पर टू-लेन का पुल बनाया जाना है। तमसा नदी पर पहले से एक पुल बना है, ऐसे में यहां एक ही टू-लेन पुल बनाने की आवश्यकता है। इसे निर्माण कराने का जिम्मा लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड और निर्माण खंड संग सेतु निगम को दिया गया है।
पहले इसके निर्माण पर करीब 771 करोड़ रुपये व्यय होना था। भूमि अधिग्रहण समेत चौड़ाई घटाने पर कुछ कटौती किए जाने पर लगभग 105 करोड़ रुपये की कमी करते हुए अब इसके निर्माण के लिए 665 करोड़ 65 लाख 22 हजार रुपये प्रस्तावित किया गया है। लोक निर्माण विभाग ने स्वीकृति के लिए शासन को भेज दिया है।
लोनिवि व सेतु निगम करेगा निर्माण
सड़क निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग से 329 करोड़ 38 लाख सात हजार रुपये प्रस्तावित किया गया है। सेतु निगम ने बरियावन बाजार में ओवरब्रिज निर्माण में 137 करोड़ 71 लाख रुपये व सुलतानगढ़ में तमसा नदी पर टू-लेन का पुल बनाने के लिए 16 करोड़ 80 लाख रुपये प्रस्तावित किया है। मार्ग चौड़ा करने में 26.64 हेक्टयर भूमि एवं परिसंपत्तियों के अधिग्रहण का प्रतिकर भुगतान के लिए 159 करोड़ 33 लाख 85 लाख रुपये प्रस्तावित है।
बिजली के तार एवं खंभे विस्थापित करने में छह करोड़ 30 लाख 53 हजार रुपये पावर कारपोरेशन तथा पेड़ काटने पर इनके दोबारा विकसित करने के लिए वन विभाग को पांच करोड़ 20 लाख 34 हजार रुपये, पानी की पाइप लाइनों व सिंचाई के संसाधनों को विस्थापित करने में जल निगम संग माइनर इरीगेशन को आठ करोड़ 55 लाख 30 हजार रुपये, दूरसंचार के संसाधनों को विस्थापित किए जाने में दूर संचार विभाग को एक करोड़ 65 लाख 71 हजार रुपये व्यय होना प्रस्तावित किया गया है। टैक्स आदि पर 70 लाख 42 हजार रुपये भुगतान प्रस्तावित है।
14 मीटर चौड़ी होगी सड़क
नार्थ-साउथ कॉरिडोर का मार्ग तीन स्थान पर अलग-अलग चौड़ाई में निर्मित है। इसे अब 14 मीटर चौड़ा बनाना है। इसमें 15.100 किलोमीटर तक सात मीटर, 9.200 किलोमीटर तक 3.75 मीटर व 3.500 किलोमीटर तक तीन मीटर सड़कें वर्तमान में बनी हैं। वहीं 1.900 किलोमीटर तक नए बाइपास का निर्माण होगा।
व्यवसाय का तैयार होंगे हब
नार्थ-साउथ कॉरिडोर निर्माण से 29.700 किलोमीटर तक सुगत यातायात के संग विकास को पंख लगेगा। इसके किनारे दुकानें व प्रतिष्ठानों का निर्माण होगा। वाहनों की आमद बढ़ने से व्यवसाय बढ़ेगा। इसके अलावा भूमि की कीमत अधिक होगी। यह सरकारी खजाने के लिए फायदेमंद साबित होगा।
फोरलेन नार्थ-साउथ कॉरिडोर के निर्माण के लिए अपडेट प्रस्ताव विभागीय मुख्यालय को भेजा गया है। प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति मिलने का इंतजार है। इसके उपरांत निर्माण आरंभ कराया जाएगा।
-अश्विनी पांडेय, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, (निर्माण खंड)
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