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    अंबेडकरनगर में सीएचसी पर नहीं है अल्ट्रासाउंड सुविधा की सुविधा, जांच के लिए भटक रहे मरीज

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 03:18 PM (IST)

    अंबेडकरनगर के 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में अल्ट्रासाउंड सुविधा न होने से मरीजों को निजी केंद्रों पर या जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है। च ...और पढ़ें

    सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड जांच सुविधा नहीं। AI जेनरेटेड फोटो

    सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड जांच सुविधा नहीं। AI जेनरेटेड फोटो

    HighLights

    1. अंबेडकरनगर के 10 सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीनें नहीं हैं।

    2. मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों पर जाना पड़ता है।

    3. चिकित्सकों और संसाधनों की कमी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित।

    संवाद सूत्र, अंबेडकरनगर। ग्रामीणांचल में मरीजों को चिकित्सीय सुविधाएं देने को 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) संचालित हैं, लेकिन किसी भी केंद्र पर अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है। सरकारी अस्पतालों में राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा, जिला चिकित्सालय में गर्भवतियों का फ्री अल्ट्रासाउंड हो रहा है।

    इसके अलावा मरीजों को जेब ढीली करनी पड़ रही है। भवन तो बने हैं, लेकिन चिकित्सकों, कर्मचारियों के पद सृजित नहीं होने के साथ संसाधनों की भी कमी बनी हुई है। रात्रि में प्रसव कराने, एंटी वेनम लगवाने तथा गंभीर स्थिति में उपचार के लिए जिला मुख्यालय तक दौड़ लगानी पड़ रही है।

    पांच लाख की आबादी पर एक सीएचसी की स्थापना का मानक तय किया गया है, इसी आधार पर 10 सीएचसी संचालित भी हैं। अकबरपुर, बेवाना, कटेहरी, भीटी, टांडा, बसखारी, रामनगर, जहांगीरगंज, जलालपुर एवं भियांव इसमें शामिल हैं।

    महिला रोग विशेषज्ञों की कमी

    महिला रोग विशेषज्ञ मात्र टांडा, बसखारी व जलालपुर में ही तैनात हैं। अन्य स्थानों पर उक्त पद रिक्त हैं। हालांकि, सामान्य प्रसव सभी सीएचसी पर कराए जाते हैं।

    अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से मांग बेअसर

    टांडा के यूसुफ ने बताया कि सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा नहीं है। पेट में दर्द होता था तो मैंने एक प्राइवेट सेंटर पर जाकर जांच कराई। जलालपुर के सौरभ प्रजापति ने बताया कि यहां पर अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने के लिए अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से मांग की गई, लेकिन इसका असर नहीं हुआ। जहांगीरगंज के दिनेश ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में जांच नहीं होने से जगह-जगह लैब व सेंटर खुल रहे हैं। गरीब व निराश्रित लोग भटक रहे हैं।

    चिकित्सकों व कर्मियों की तैनाती आंकड़ा

    सीएचसी अकबरपुर में 12 डाक्टर के सापेक्ष 11, जहांगीरगंज 10 की जगह छह, बसखारी 10 के बजाय छह, कटेहरी 14 के सापेक्ष सात, रामनगर 10 की तुलना में छह, भीटी सात की जगह दो चिकित्सक हैं। जलालपुर 11 के स्थान पर पांच, टांडा 14 के सापेक्ष 14 तथा भियांव सीएचसी में सात की तुलना में सात डॉक्टरों की तैनाती है। इसी तरह 26 लैब टेक्नीशियन के सापेक्ष 13 तथा 13 एक्स-रे टेक्नीशियन की जगह 10 की तैनाती है।

    खबरें और भी

    रेडियोलाजिस्ट व प्रशिक्षित कर्मियों की कमी से अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा देने में कठिनाई हो रही है। सामान्य सभी जांचें होती हैं, जबकि गंभीर रोगों की जांच की सुविधा जिला चिकित्सालय में उपलब्ध है। रिक्त पदों को सृजित करने के लिए शासन को पत्राचार किया गया है। -डॉ. प्रमोद कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी।

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