अंबेडकरनगर में सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर सख्ती, चिह्नित कर होगी कार्रवाई
अंबेडकरनगर में सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर फिर से शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। शासन ने सभी जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को समिति ...और पढ़ें

HighLights
सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर फिर शिकंजा।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति का होगा गठन।
नियम उल्लंघन पर शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट।
जागरण संवाददाता, अंबेडकरनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, सीएचसी एवं पीएचसी पर तैनात सरकारी डॉक्टर (संविदा को छोड़कर) के प्राइवेट प्रैक्टिस पर अब शिकंजा कसने की तैयारी दोबारा प्रारंभ कर दी गई है।
शासन ने सभी जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को पत्र भेजकर समिति की बैठक कराने और आदेशों का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया है। सतर्कता समिति में जिलाधिकारी अध्यक्ष, पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिलाधिकारी द्वारा नामित अभिसूचना इकाई को सदस्य नामित किया गया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी सचिव के रूप में नामित किए गए हैं। सदस्यों के निरीक्षण में यदि कोई चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करते मिलता है तो इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, जहां से कार्रवाई होगी।
सरकारी चिकित्सकों की प्राइवेट प्रैक्टिस जनपद में धड़ल्ले से हो रही है। मेडिकल कॉलेज और जिला चिकित्सालय के अधिकांश चिकित्सक दूसरे के नाम से पंजीकृत हास्पिटलों को चला रहे हैं। सरकारी संस्थानों से ऐसे चिकित्सकों को आसानी से मरीज भी अच्छी संख्या में मिल जाते हैं।
शहर के हर गली-मुहल्ले से लेकर मुख्य मार्गों पर अस्पतालों का संचालन किया जा रहा है। सरकारी चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस न करें, इसका निर्देश 24 दिसंबर 2002 में ही जारी कर दिया गया था, लेकिन जांच अभियान इसलिए शिथिल पड़ जा रहा था कि जांच करने वाले चिकित्साधिकारी ही ऐसे प्रकरण में संलिप्त पाए जा रहे थे।
उक्त निर्देशों में संशोधन करते हुए मुख्य सचिव ने बीते आठ जुलाई को दोबारा निर्देश दिया कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में टीम गठित कर सरकारी चिकित्सकों की प्राइवेट प्रैक्टिस रोकी जाए। सरकारी चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस न करें, इसलिए शासन उन्हें नान प्रैक्टिस भत्ता भी प्रदान करता है।
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उच्च न्यायालय ने लिया संज्ञान
उच्च न्यायालय इलाहाबाद में योजित रिट याचिका डा. अरविंद गुप्त बनाम प्रेसीडेंट एंड मेंबर स्टेट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमिशन में पारित आदेश पर यह व्यवस्था लागू की गई है।
निर्देश के बाद भी ऐसे डॉक्टर नहीं हुए चिन्हित
शासन के बार-बार निर्देश के बाद भी स्वास्थ्य विभाग अभी तक ऐसे डॉक्टर को चिन्हित नहीं किया गया है, जो उक्त कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। हालांकि, इस बार विभाग ऐसे डॉक्टर को चिन्हित करने के लिए जल्द ही टीम के गठन की बात कह रहा है।
शासन से जारी पत्र मिला है। उक्त प्रकरण में जिलाधिकारी से विचार-विमर्श कर जल्द ही समिति का गठन करने के साथ समिति को सक्रिय किया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित केंद्र अधीक्षकों से रिपोर्ट भी मांगी जाएगी।
-डाॅ. प्रमोद कुमार, सीएमओ