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अंबेडकरनगर में बाढ़ की वजह से चारों ओर से घिरीं मांझा उल्टहवा की सात बस्तियां, तीन स्कूल बंद; धान की फसल डूबी

Published: Thu, 20 Aug 2026 05:27 PM (IST)

सरयू नदी में उफान के कारण अंबेडकरनगर के टांडा व आलापुर तहसील के कई गांव बाढ़ से घिर गए हैं, जिसमें मांझा उल्टहवा के सात पुरवे पूरी तरह प्रभावित हैं।

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HighLights

  1. सरयू नदी के उफान से टांडा, आलापुर के गांव प्रभावित।

  2. मांझा उल्टहवा के सात पुरवे बाढ़ के पानी में घिरे।

  3. बच्चों की सुरक्षा हेतु तीन प्राथमिक विद्यालय बंद किए गए।

संवाद सूत्र, टांडा (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी की उफान से टांडा व आलापुर तहसील के तटीय गांव प्रभावित हैं। मांझा उल्टहवा के सातों पुरवे बाढ़ के पानी में चारों ओर से घिर गए हैं। आलापुर तहसील में आराजी देवारा व माझा कम्हरिया प्रभावित हैं। बाढ़ के पानी देखते हुए बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने दोनों तहसीलों के तीन प्राथमिक विद्यालयों को गुरुवार को बंद रखा।

हालांकि, स्कूलों को आगे भी बंद रखने के लिए जिला प्रशासन, बेसिक शिक्षा विभाग, जल स्तर की रिपोर्ट मिलने का इंतजार है। वहीं, गत बुधवार के सापेक्ष गुरुवार को अपराह्न तीन बजे तक जलस्तर में छह सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज हुई है। हालांकि, अभी भी जलस्तर खतरे के लाल निशान 92.73 मीटर से 31 सेंटीमीटर ऊपर है। समाचार लिखे जाने तक जलस्तर 93.04 मीटर पर रहा।

डीएम ईशा प्रिया के आदेश पर बीएसए डा. पूनम मिश्रा ने टांडा के मांझा उल्टहवा तथा आलापुर में मांझा कम्हरिया एवं अराजी देवारा के प्राथमिक विद्यालयों को एक दिन के लिए बंद रखा। बीएसए ने बताया कि बाढ़ की स्थिति देखने के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर स्कूलों के संचालन पर अग्रिम निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल, शुक्रवार को स्कूल खुले रहेंगे।

टांडा तहसील में सबसे अधिक मांझा उल्टहवा प्रभावित है। यहां के सात पुरवे चारों ओर से बाढ़ के पानी में घिर गए हैं। जालिम का पूरा, दिलशेर का पूरा, सतरहिया, बाबूराम का पूरा, प्रधान का पूरा व कुशमौलिया में घरों के बाहर तक पानी पहुंच गया है। हनुमानगढ़ी की समस्त सीढ़ियां बाढ़ के पानी में डूब चुकी हैं। महादेवा श्मशान घाट की सभी सीढ़ियां बाढ़ में डूब चुकी हैं। अब अंतिम संस्कार का शेड ही बचा है। नेहरूनगर के मेहनियां में बरातघर के पास पानी भर गया है।

थिरुआ नाले के पास धोबीघाट कपड़ा बिछावट स्थान पर बाढ़ का पानी भरा है। वहीं, केवटला में करीब सौ बीघा धान की फसल जलमग्न है। ग्राम प्रशासक शिवप्रसाद ने बताया कि बाढ़ का पानी आबादी के बीच पहुंच गया है। हालांकि, अभी घरों में नहीं पहुंचा है। जलस्तर में कम होने से कुछ राहत है, लेकिन बाढ़ का खतरा घर के बाहर है।

डीएम ने किया सतर्क 

सरयू नदी में बाढ़ को देखते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियाें, कर्मचारियाें व ग्रामीणों को सतर्क किया है। उन्होंने बताया कि नदियों के जलस्तर पर निरंतर निगरानी चल जा रही है। नदी एवं निचले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले नागरिकों से सतर्क एवं सावधान रहने को कहा है।

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कहा कि नदी के किनारे, जलभराव वाले क्षेत्रों एवं तेज बहाव वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से नागरिक नहीं जाएं और बच्चों एवं बुजुर्गों को ऐसे स्थानों से दूर रखें। आपात स्थितियों में नागरिक घबराएं नहीं और स्थानीय प्रशासन/संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना दें। अफवाहों पर ध्यान नहीं देते हुए केवल अधिकृत सूचनाओं पर भरोसा करें।