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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जिला अस्पताल में मरीज से पांच हजार रिश्वत मांगते कर्मचारी का ऑडियो वायरल, टीम गठित कर जांच के निर्देश

Published: Mon, 22 Sep 2025 03:58 PM (IST)

अंबेडकरनगर के जिला अस्पताल में रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। एक डॉक्टर के सहयोगी द्वारा मरीज से ऑपरेशन के ...और पढ़ें

जिला चिकित्सालय में मरीज से कर्मचारी ने मांगी रिश्वत।
जिला चिकित्सालय में मरीज से कर्मचारी ने मांगी रिश्वत।

HighLights

  1. अस्पताल में रिश्वतखोरी का ऑडियो वायरल |
  2. सर्जरी के नाम पर वसूली का आरोप |
  3. जांच के लिए टीम गठित |

संवाद सूत्र, अंबेडकरनगर। स्वास्थ्य विभाग में रिश्वतखोरी के नए-नए प्रकरण प्रकाश में आ रहे हैं। इससे आमजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा और आर्थिक क्षति भी हो रही है। एक सप्ताह पहले सीएमओ के स्टेनो का रिश्वत लेने का आरोप लगा था और इसकी जांच भी चल रही है।

कुछ इसी तरह सोमवार को जिला चिकित्सालय में डॉक्टर का सहयोगी कर्मी पांच हजार रुपये रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल हुआ है। इस प्रकरण में सीएमएस ने चार सदस्यीय टीम का गठन कर जांच करने का निर्देश दिया है।

जिला चिकित्सालय में सर्जरी करने के नाम पर मरीजों के सर्जिकल उपकरण मंगाने का मामला आए दिन चर्चा में आता है। कहीं जांच कराने तो कहीं सर्जिकल प्लेट मंगाने के नाम में तीमारदारों से वसूली कर लेते हैं। इसी से जुड़ा मामला सोमवार को चिकित्सालय प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया।

अकबरपुर नगर पालिका क्षेत्र के राबी बहाउद्दीनपुर वार्ड निवासी कृष्ण कुमार अपने भाई विशाल के हाथ में पड़े सर्जिकल राड को निकलवाने जिला चिकित्सालय पहुंचा था। बताया कि एक वर्ष पहले हड्डी जोड़ने के लिए राड डाला गया था।

उन्होंने हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पुरेंद्र कुमार को दिखाया था, वे एक सप्ताह बाद राड निकालने के लिए बुलाए थे। इसी क्रम में कृष्ण कुमार अपने भाई को लेकर पहुंचा था, लेकिन वहां पर डाक्टर नहीं मिले लेकिन उनका सहयोगी कर्मचारी (आउटसोर्सिंग कर्मी) ने बताया कि राड निकालने के लिए पांच हजार रुपये लगेगा।

पीड़ित ने बताया कि पांच हजार मेरे पास नहीं होने पर मैंने दो हजार देने की बाद रखी, लेकिन कर्मचारी नहीं माना और ढाई हजार मांगने लगा और इसके अलावा बाहर से ग्लब्स, सिरिंज, रूई आदि सामान खरीद कर लाने को कहा। पीड़ित जब डॉक्टर से मिला तो डाक्टर ने बताया कि मशीन खराब हो गई है आज सर्जरी कर राड नहीं निकाला जा सकता है।

इस व्यवस्था से आजिज आकर पीड़ित ने लिखित शिकायत सीएमएस से किया और इंटरनेट मीडिया पर बातचीत करने का आडियो भी प्रसारित कर दिया।

उक्त प्रकरण की शिकायत मिली है। इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन कर दिया है। इसमें एनेस्थीशिया डा. एसडी मिश्र अध्यक्ष एवं सदस्य के रूप में नेत्ररोग विशेषज्ञ डा. आरएस वर्मा, मैटर्न गुलाबी देवी एवं वरिष्ठ लिपिक सुनील कुमार जौहरी को शामिल किया गया है। जांच आख्या तीन दिन में मांगी गई है इसी के आधार पर आगे की कार्रवाई बढ़ाई जाएगी। -डॉ. पीएन यादव, सीएमएस।

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