विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अंबेडकरनगर के राम मिलन गुप्त को राज्य अध्यापक पुरस्कार, छात्रों को काबिल बनाने में मिसाल

Published: Tue, 01 Sep 2026 09:22 PM (GMT+05:30)

कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय नसीरपुर छितौना के सहायक अध्यापक राम मिलन गुप्त को विद्यार्थियों को काबिल बनाने और खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य अध्यापक पुरस्कार मिलेगा।

News Article Hero Image

HighLights

  1. राम मिलन गुप्त को राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चुना गया।

  2. छात्रों को खेल और शिक्षा में उत्कृष्ट बनाने में सफल।

  3. आईआईटी, एमटेक में चयनित सहित कई छात्र कामयाब हुए।

जागरण संवाददाता, अंबेडकरनगर। कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय नसीरपुर छितौना के सहायक अध्यापक राम मिलन गुप्त ने विद्यार्थियों को काबिल बनाने में समर्पण किया और होनहार कामयाब बनकर निखरे।

शिष्यों संग विद्यालय, विकासखंड तथा जनपद को प्रदेश की खेल प्रतियोगिताओं में अमिट पहचान दिलाई। उनकी त्याग तथा तपस्या पर बेसिक शिक्षा विभाग नाज करेगा, क्योंकि वह राज्य पुरस्कार नवाजे जाएंगे। प्रदेश स्तर पर चयनित उत्कृष्ट 61 शिक्षकों में इनको तीसरे नंबर पर स्थान दिया गया है। शिक्षक दिवस पर सम्मानित किए जाएंगे।

राम मिलन गुप्त का करियर

आलापुर तहसील के नरवा पीतांबरपुर गांव के राम मिलन गुप्त 17 दिसंबर 1999 को बेसिक शिक्षा विभाग का हिस्सा बने। उन्होंने सुलतानपुर जनपद से अपनी सेवा आरंभ की। चार वर्ष की सेवा के उपरांत वह जन्मभूमि लौट आए और 17 जुलाई 2003 को प्राथमिक विद्यालय नसीरपुर में सहायक अध्यापक के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।

शिक्षा के उत्थान में समर्पित गुरुजी को 31 अक्टूबर 2010 में पदोन्नति मिली, लेकिन उन्होंने विद्यालय नहीं छोड़ा और यहीं के जूनियर में सहायक अध्यापक बन गए।

करीब 23 वर्ष के सेवाकाल में अब तक इन्होंने अनगिनत होनहारों को काबिल और कामयाब बनाया। राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित होने पर राम मिलन गुप्त को बीएसए डा. पूनम मिश्रा, खंड शिक्षा अधिकारी विवेक द्विवेदी एवं एआरपी पुष्पेंद्र कुमार दुबे संग शिक्षकों के बधाई देने का तांता लगा है।

23 वर्ष से जिले की पहचान बने

प्रतिभाओं को निखारने में लगा दिया दमखम राम मिलन गुप्त ने बच्चों में खेल प्रतिभा को निखारने में दमखम लगा दिया। यही वजह रही कि उक्त स्कूल के बच्चे मंडल तथा राज्य में पिछले 23 वर्ष से जिले की पहचान बने हैं। वर्ष 2018 में यहां के बच्चों ने राज्य स्तरीय जिम्नास्टिक प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल किया था।

इसके उपरांत वर्ष 2019 में यहां के छात्र राज्य स्तरीय हाकी प्रतियोगिता में दूसरा स्थान बनाने में सफल रहे। शिक्षक के समर्पण, त्याग व तपस्या को होनहार बच्चों ने सफल कर दिखाया है। इनके पढ़ाए बच्चों में तीन बच्चे राष्ट्रीय आय आधारित परीक्षा पास करने में सफल रहे। वहीं दो का चयन आइआइटी कानपुर तथा एक का एमटेक जम्मू में हो चुका है।

दो बच्चे इंजीनियर, एक सेना, तीन पुलिस, दो शिक्षक बनकर कामयाब हैं। 100 से अधिक बच्चों का चयन नवोदय में हुआ है। वह नियमित स्कूल नहीं आने वाले तथा कभी स्कूल नहीं आए बच्चों के अभिभावकों से मिलने उनके घर तक शाम को पहुंचते हैं। पढ़ाई का महत्व बता बच्चों का दाखिला कराते हैं।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।