आरक्षण ठीक है या और चाहिए? पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष ने पूछा सवाल, शासन को सौंपेंगे रिपोर्ट
आंबेडकरनगर में पिछड़ा वर्ग आयोग ने पंचायत चुनाव में पिछड़ी जातियों के आरक्षण पर चर्चा की। आयोग ने जनप्रतिनिधियों से सुझाव लिए और शासन को रिपोर्ट सौंपन ...और पढ़ें

पत्रकारों को जानकारी देते उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण विकास समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह। जागरण
HighLights
आयोग ने अंबेडकरनगर में पंचायत आरक्षण पर जनप्रतिनिधियों से बात की।
जनप्रतिनिधियों ने पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षण बढ़ाने की मांग की।
आयोग जिले में पिछड़ा वर्ग की स्थिति पर शासन को रिपोर्ट देगा।
जागरण संवाददाता, अंबेडकरनगर। पंचायत चुनाव में पिछड़ी जातियों के आरक्षण पर चर्चा करने उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की पांच सदस्यीय कमेटी पहुंची।
न्यायमूर्ति व आयोग के अध्यक्ष राम औतार सिंह की अध्यक्षता में न्यू-सर्किट हाउस में ग्राम प्रधानों, जिला पंचायतों के निवर्तमान सदस्यों, ब्लाक प्रमुखों के साथ बैठक कर पिछड़ा वर्ग समुदायों के आरक्षण, भागीदारी आदि पर चर्चा की गई। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों को पूछा कि आरक्षण और चाहिए कि ठीक है, इस पर सभी ने आरक्षण बढ़ाने की मांग की। वहीं राजनीतिक भागीदारी में सभी ने संतोष व्यक्त किया।
आयोग के अध्यक्ष ने उपस्थित अधिकारियों को आयोग के गठन के उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली से अवगत कराते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि जनपद में अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या एवं सामाजिक-राजनीतिक प्रतिनिधित्व, पिछड़ेपन की प्रकृति, कारण आदि से संबंधित आंकड़ों की जानकारी ली।
प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक जनपद में जिला पंचायत की कुल जनसंख्या 20,38,840 है, इसमें पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या 11,23,445, अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या 659, अनुसूचित जाति की जनसंख्या 5,44,251 है।
जनपद में पिछड़ा वर्ग की आबादी कुल जनसंख्या का लगभग 55 प्रतिशत है। इस दौरान आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने जनप्रतिनिधियों एवं खंड विकास अधिकारियों से अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, सामाजिक स्थिति एवं स्थानीय निकायों में प्रतिनिधित्व के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
जनप्रतिनिधियों ने वर्तमान आरक्षण व्यवस्था के संबंध में अपने सुझाव भी आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए। आयोग ने प्राप्त तथ्यों एवं सुझावों के आधार पर निष्पक्ष एवं अनुभवजन्य अध्ययन सुनिश्चित करते हुए अपनी संस्तुतियां शासन को उपलब्ध कराने की बात कही।
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बैठक में आयोग के सदस्य संतोष कुमार विश्वकर्मा, बृजेश कुमार, एसपी सिंह एवं डाॅ. अरविंद कुमार चौरसिया के अलावा जिलाधिकारी ईशा प्रिया, सीडीओ आनंद शुक्ल, डीपीआरओ उपेंद्र पांडेय, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी एके सिंह तोमर, समस्त खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) तथा जिला पंचायत सदस्य, विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रशासक आदि उपस्थित रहे।
शासन को देंगे रिपोर्ट
बैठक के पश्चात आयोजित प्रेसवार्ता में आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि जिलों से पिछड़ा वर्ग की क्या स्थिति है, कितनी जनसंख्या है और जीवन स्तर क्या है। इस संबंधित जानकारी लेकर शासन को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। बताया कि वर्तमान में पिछड़ा वर्ग के 27 प्रतिशत आरक्षण देने का प्राविधान है।