विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अमेठी में 148 हेक्टेयर भूमि खरीद और अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी, 250 हेक्टेयर में बनेगा औद्योगिक कॉरिडोर

Published: Mon, 26 Oct 2026 04:26 PM (IST)

अमेठी में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे 250 हेक्टेयर में औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जिसमें 148 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. अमेठी में 250 हेक्टेयर औद्योगिक कॉरिडोर बनेगा।

  2. 148 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण का पहला चरण पूरा।

  3. परियोजना से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।

जागरण संवाददाता, अमेठी। जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे करीब 250 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल बताया गया है। प्रस्तावित कॉरिडोर मुसाफिरखाना तहसील के विकासखंड शुकुल बाजार में ऊंचगांव और सेवरा गांव के निकट एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन संख्या 58 के पास विकसित होगा।

परियोजना की प्रगति और स्थल की स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी शशांक चौधरी और पुलिस अधीक्षक सरवणन टी ने निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने परियोजना से संबंधित जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

102 हेक्टेयर भूमि के क्रय की प्रक्रिया की तैयारी

जिलाधिकारी के अनुसार, परियोजना के पहले चरण में 148 हेक्टेयर भूमि के क्रय एवं अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। दूसरे चरण में शेष 102 हेक्टेयर भूमि के क्रय की प्रक्रिया की तैयारी की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार काम आगे बढ़ाने, भूमि संबंधी कार्यवाहियों में समन्वय रखने और परियोजना की तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी करने को कहा।

कॉरिडोर में औद्योगिक इकाइयां स्थापित होने से अमेठी में औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। इससे युवाओं को अपने जनपद और आसपास के क्षेत्रों में काम मिल सकता है। औद्योगिक विकास से स्थानीय व्यापार, परिवहन, लाजिस्टिक्स और अन्य सहायक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निकट होने से प्रस्तावित कॉरिडोर औद्योगिक आवागमन और माल परिवहन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बेहतर संपर्क मार्गों से इकाइयों को परिवहन सुविधाएं मिलने और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होने की संभावना है।

परियोजना से नए उद्योगों की स्थापना का आधार बनेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी विकसित होंगे। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी मुसाफिरखाना नीतेश राज और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें- दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर से यूपी के उद्योग-व्यापार को मिली रफ्तार, ईंधन खर्च में प्रति ट्रिप 3-4 हजार रुपये तक की बचत

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।