यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Amethi Murder Case: 100 मीटर की दूरी पर मौजूद थे 3 पुलिसवाले, शिक्षक और उसके परिवार की हत्या कर निकल गए बदमाश
यूपी के अमेठी जिले में कंपोजिट विद्यालय में तैनात एक शिक्षक उनकी पत्नी और दो बेटियों को गुरुवार शाम सात बजे अज्ञात हमलावरों ने घर में घुसकर गोली मार ...और पढ़ें

HighLights
- भीड़भीड़ वाले इलाके में हुई घटना, जांच में जुटी पुलिस
- चौराहे पर लगे सीसी कैमरा का लिया डीबीआर
- गोली की आवाज को पहले लोगों ने समझा दुर्गा पंडाल में फूटा पटाखा
जागरण संवाददाता, अमेठी। भीड़भाड़ वाले अहोरवा भवानी चौराहे के निकट शिक्षक, पत्नी व दो बच्चों को गोली मारकर बदमाश निकल गए। 100 मीटर दूर खड़ी पुलिस कुछ नहीं कर पाई। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस घटना की जांच में जुटी है। चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरे का डीबीआर पुलिस ने लिया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लगभग सात बजे दुर्गा पूजा की आरती शुरू हुई थी। तभी गोली चलने की आवाज आई। लोगों ने सोचा कि दुर्गा पूजा की वजह से गोले दागे जा रहे हैं। इतने में शिक्षक के निवास के बगल में मेडिकल की दुकान करने वाले मनोहर यादव और दूसरी तरफ के कॉस्मेटिक के दुकानदार रामपाल जायसवाल भागते हुए आए और चिल्लाने लगे कि मास्टर के घर में गोली चली है।
वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए हमलावर
चौराहे से लोग सत्यव्रत अवस्थी उर्फ मुन्ना के मकान की तरफ दौड़े। घर में दो मासूमों और शिक्षक सुनील कुमार और उनकी पत्नी पूनम भारती का रक्त रंजित शव देखकर सभी दहल गए। लोग दाएं-बाएं दौड़े, लेकिन घटना को अंजाम देने वालों का कोई पता नहीं चल सका।
जो लोग घटना के बाद घर में पहले पहुंचे, उनके अनुसार बिटिया श्रृष्टि की मौत के बाद भी उसके हाथ में दस और बीस का नोट था। लोगों के द्वारा कयास लगाया जा रहा है कि घटना को अंजाम देने वाला मुख्य दरवाजे से अंदर गए और घटना को अंजाम देकर घर से खुले जीने से छत पर गए और पड़ोस में पवन कुमार के पुराने मकान की छत नीची है। जिसका पुनर्निर्माण चल रहा है। उसी दीवार से नीचे उतर गए।
खबरें और भी
100 मीटर दूर मौजूद थे तीन पुलिसकर्मी
शिवरतगंज थाने से घटनास्थल की दूरी भले ही पांच किमी है, लेकिन 100 मीटर दूर अहोरवा भवानी चौराहे पर घटना के समय तीन पुलिसवाले मौजूद थे। इसके बाद भी हत्या करने वाले घटना को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। अहोरवा भवानी कस्बे के लोग इस घटना के बाद डरे और सहमे हैं। देर रात तक पुलिस व प्रशासन के बड़े अधिकारियों के साथ लोगों की भारी भीड़ जमा रही।