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अमेठी में जलभराव , मूंग ताल ड्रेन उफनाने से 20 से अधिक गांवों की धान की फसल हुई बर्बाद

Published: Sun, 06 Sep 2026 06:00 AM (IST)

अमेठी में मूंग ताल ड्रेन की सफाई न होने से जलभराव हो गया, जिससे 20 से अधिक गांवों के हजारों ...और पढ़ें

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HighLights

  1. मूंग ताल ड्रेन की सफाई न होने से जलभराव।

  2. 20 से अधिक गांवों की धान की फसल बर्बाद।

  3. सफाई टेंडर के बावजूद धनराशि की कमी से काम रुका।

संवादसूत्र, अमेठी। किसानों को जलभराव से निजात दिलाने के लिए मूंग ताल ड्रेन की सफाई का टेंडर तो विभाग ने निकाल दिया, लेकिन समय से धनराशि उपलब्ध न होने के कारण ड्रेन की खुदाई नहीं हो सकी। नतीजा यह रहा कि अगस्त में हुई तेज बारिश के बाद ड्रेन उफना गई और तिलोई क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों के हजारों किसानों की चार हजार बीघे से अधिक धान की फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई। छह साल से सफाई का इंतजार कर रही ड्रेन किसानों के लिए अभिशाप बन गई है।

करीब 30 किलोमीटर लंबी मूंग ताल ड्रेन सिंचाई विभाग के शारदा सहायक खंड-45 रायबरेली के अधीन है। यह रायबरेली के महराजगंज विकास क्षेत्र के डेपारमऊ ग्राम पंचायत स्थित मूंग ताल से निकलकर दौंतरा, सिजनी, पूरे दूंदी, करौंका, अलाईपुर ओनडीह, उतरपारा, सराय महेशा और सिंघरिया समेत कई गांवों से होते हुए मट्टन नाले में गिरती है। आगे मट्टन नाला सई नदी में मिलता है।

तेज बारिश ने खोली व्यवस्था की पोल
करीब 20 अगस्त को हुई तेज बारिश के बाद ड्रेन से जुड़े गांवों में अचानक जलभराव बढ़ गया। खेतों में ढाई से तीन मीटर तक पानी भर गया और दस दिन से अधिक समय तक हालात जस के तस रहे। पानी की निकासी नहीं होने से किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया और धान की खड़ी फसल सड़कर नष्ट हो गई।

दो टेंडर, फिर भी नहीं हुई सफाई
ड्रेन की सफाई के लिए विभाग ने 16 मई 2026 को रायबरेली जिले की सीमा में आने वाले हिस्से के लिए करीब 26 लाख रुपये और अमेठी जिले की सीमा में आने वाले हिस्से के लिए 27 लाख 30 हजार रुपये की लागत से टेंडर जारी किया था। इसके बावजूद धरातल पर ड्रेन की सफाई नहीं हुई।

पीड़ित किसान राजेंद्र ने बताया कि मूंग ताल ड्रेन की सफाई वर्ष 2020 में कराई गई थी। आरोप है कि उस दौरान भी पूरी ड्रेन की सफाई नहीं कराई गई। सड़क किनारे और आसानी से दिखाई देने वाले स्थानों पर ही सफाई कराकर बाकी हिस्से में खुदाई के नाम पर औपचारिकता निभाई गई।

मूंग ताल ड्रेन की सफाई के लिए टेंडर निकाला गया था, लेकिन समय से धनराशि उपलब्ध न होने के कारण काम नहीं कराया जा सका। जौनपुर ब्रांच नहर में लगातार पानी चलने से उससे जुड़ी छोटी नहरों, ताल-तलैयों और झीलों में पहले से जलभराव रहता है। तेज बारिश में स्थिति और गंभीर हो जाती है। उन्होंने बताया कि मट्टन नाले में मूंग ताल ड्रेन का आउटफाल ऊंचा है। मट्टन नाले की खुदाई के बिना ड्रेन की खुदाई का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा।- राम शंकर राय-अधिशासी अभियंता शारदा सहायक खंड-45 रायबरेली

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