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    अमेठी में 1792 युवाओं के हाथों में होगा हुनर, खुलेगा रोजगार का रास्ता

    Updated: Fri, 24 Jul 2026 10:56 PM (GMT+05:30)

    सरकार ने अमेठी में 'जीरो पावर्टी अभियान' के तहत गरीब परिवारों के 1792 युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा है। यह पहल युवाओं ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

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    HighLights

    1. अमेठी में 1792 युवाओं को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण।

    2. 'जीरो पावर्टी अभियान' के तहत आत्मनिर्भरता की ओर कदम।

    3. युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा।

    पवन यादव, अमेठी। गरीब परिवारों के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जीरो पावर्टी अभियान के तहत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के द्वारा चिह्नित गरीब परिवारों के युवाओं को उनकी रुचि के अनुसार तकनीकी प्रशिक्षण देकर हुनरमंद बनाएगा। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को रोजगार योग्य बनाना और गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।

    योजना के तहत जिले में 12 हजार गरीब परिवारों के युवाओं को कौशल विकास कार्यक्रम से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए आईटीआई के अधिकारियों और कर्मचारियों ने दूरभाष के माध्यम से अब तक करीब आठ हजार परिवारों से संपर्क किया है।

    इस दौरान 1,792 ऐसे युवाओं की पहचान की गई, जो बेरोजगार हैं और कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार या स्वरोजगार शुरू करना चाहते हैं। अब इन सभी चिह्नित युवाओं की शैक्षिक योग्यता, रुचि और क्षमता के आधार पर विभिन्न ट्रेडों का चयन किया जाएगा। उन्हें इलेक्ट्रिशियन, फिटर, वेल्डर, कंप्यूटर, सिलाई, मोटर मैकेनिक सहित अन्य रोजगारपरक ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए भी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे अपने पैरों पर खड़े होकर परिवार की आय बढ़ा सकें।

    योजना का मुख्य उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। सरकार की इस पहल से गरीब परिवारों के युवाओं को नया हुनर मिलेगा, उनकी रोजगार क्षमता बढ़ेगी और वे आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा में बेहतर भूमिका निभा सकेंगे। -महेंद्र प्रताप सिंह, नोडल प्रधानाचार्य-आईटीआई, गौरीगंज।

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