अमरोहा में दस फर्जी शिक्षकों की सेवा समाप्त, हाईकोर्ट के आदेश से विभाग में मचा हड़कंप
अमरोहा में बेसिक शिक्षा विभाग में दस फर्जी शिक्षकों की सेवा समाप्त की गई है, जिन्होंने डुप्लीकेट डिग्री से नौकरी ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
दस फर्जी शिक्षकों की सेवा समाप्त, डुप्लीकेट डिग्री का उपयोग।
हाईकोर्ट ने सभी शिक्षकों के दस्तावेज जांचने का दिया आदेश।
अमरोहा के शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप, जांच से खलबली।
जागरण संवाददाता, अमरोहा। जिले का बेसिक शिक्षा विभाग फर्जी शिक्षकों से अछूता नहीं है। यहां पर भी एसटीएफ व विभागीय जांच में दस फर्जी शिक्षक पकड़ में आए थे। इनमें से पांच साल पहले अदलपुर प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक बने हर प्रसाद एक ही डिग्री से दो जगह सरकारी नौकरी करते पाए गए थे।
जबकि पिछले साल सिबौरा के प्राथमिक विद्यालय में भी हेडमास्टर बने रियाजुल ने भी फर्जी डिग्री से नौकरी प्राप्त की थी। जिनकी सेवा समाप्त की गई थी।
अब गोरखपुर में मामला पकड़ में आने के बाद हाईकोर्ट ने कक्षा एक से आठ तक के सभी विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेजों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इससे में खलबली मची हुई है। कई बार बीएसए से काल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन नहीं उठाया।
गोरखपुर के कोदीपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय बैरीपार में तैनात सहायक अध्यापिका कुसुमलता के शैक्षिक प्रमाण पत्रों पर अन्य महिला के शिक्षक की नौकरी प्राप्त करने का मामला प्रकाश में आया था।
इसके बाद हाईकोर्ट ने प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग के सभी कक्षा एक से आठ तक के विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के शैक्षिक व नियुक्त प्रमाण पत्र जमा कराकर उनकी जांच के निर्देश दिए हैं। जिससे अमरोहा में भी शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है। क्योंकि जिले में भी फर्जी शिक्षक पाए जा चुके हैं।
पांच साल पहले अदलपुर के प्राथमिक विद्यालय में तैनात फर्जी हेडमास्टर हरप्रसाद पकड़ में आए थे। वह एक ही डिग्री से संभल में भी 17 साल से लेखपाल की नौकरी कर रहे थे। एसटीएफ की जांच में पकड़ में आए थे। उनकी सेवा समाप्त कराने के बाद तत्कालीन बीईओ मुकेश कुमार ने उनके खिलाफ नौगावां सादात थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पिछले साल भी डिडौली क्षेत्र के सिबौरा के प्राथमिक विद्यालय में भी फर्जी डिग्री से हेडमास्टर बने रियाजुल भी पकड़ में आए थे। जिनकी सेवा समाप्त कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
इसके अलावा 2016 में भी चार फर्जी शिक्षक पकड़ में आए थे। इनमें प्राथमिक विद्यालय चक गुलाम अंबिया, प्राथमिक विद्यालय बुरावली, प्राथमिक विद्यालय देवीपुरा, प्राथमिक विद्यालय बरखेड़ा, प्राथमिक विद्यालय तरौली, प्राथमिक विद्यालय सिकरी भूड़ और प्राथमिक विद्यालय ढहकबाड़ा के नाम शामिल हैं। जबकि इससे पहले और चार फर्जी शिक्षक पकड़े गए थे।
जिले में 1254 विद्यालयों में करीब 400 शिक्षक तैनात
जनपद के कक्षा एक से आठ तक के परिषदीय विद्यालयों में वर्तमान में करीब 4000 शिक्षक तैनात है। जिसमें हाईकोर्ट के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच के निर्देश दिए जाने के बाद शिक्षकों में खलबल मची हुई है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के अनुपालन में सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच होनी चाहिए।
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