SIR का 'सर्जिकल स्ट्राइक': वोटों की 'सफाई' से उड़ी प्रत्याशियों की नींद, जीत के मार्जिन से ज्यादा कटे वोट, अब क्या होगा?
अमरोहा जिले की चारों विधानसभा सीटों पर एसआइआर प्रक्रिया के बाद 1,81,177 मतदाता कम हो गए हैं। यह संख्या 2022 के चुनाव में कई प्रत्याशियों की जीत के अंत ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
एसआइआर के बाद बदलेंगे चारों विस क्षेत्र के समीकरण
जिले की चारों विधानसभा क्षेत्र में कट गए 1,81,177 वोट
जागरण संवाददाता, अमरोहा। जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों में एसआइआर के बाद 1,81,177 वोट कम हो गए हैं। 2022 के चुनाव परिणामों के संदर्भ में देखा जाए तो प्रत्याशियों की जीत-हार के अंतर से अधिक वोट सूची से हटाए गए हैं। यह कटे हुए वोट चारों विस क्षेत्रों में तीसरे स्थान पर रहे प्रत्याशियों को मिले वोटों के लगभग बराबर हैं। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव में नई मतदाता सूची चौंकाने वाले परिणाम प्रस्तुत कर सकती है।
खासकर मंडी धनौरा और नौगावां सादात विस क्षेत्रों में प्रत्याशियों की हार-जीत का अंतर केवल 10 हजार रहा था। एसआइआर से पहले जिले में कुल 13,70,374 मतदाता थे। इनमें सबसे अधिक 3,73,402 हसनपुर विस क्षेत्र, 3,48,805 मंडी धनौरा, 3,32,968 नौगावां सादात और 3,15,199 अमरोहा विस क्षेत्र में मतदाता थे। अब एसआइआर के बाद जिले में 1,81,177 मतदाता कम हो गए हैं।
सबसे अधिक वोट मंडी धनौरा में 58,455, हसनपुर में 45,995, अमरोहा में 43,009 और नौगावां सादात में 33,178 कटे हैं। इस प्रकार अब जिले में कुल 11,89,197 मतदाता बचे हैं। यदि 2022 के विधानसभा चुनाव के परिणामों पर नजर डालें, तो प्रत्याशियों की जीत का अंतर एसआइआर में कटे वोटों से कम है।
केवल अमरोहा विस क्षेत्र में जीत का अंतर 71 हजार रहा था, जबकि यहां कटे हुए वोट 43,009 हैं। अमरोहा सीट पर जीत के अंतर से कम वोट कटे हैं। वहीं, अन्य तीन विस क्षेत्रों में जितने वोट के अंतर से प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी, उससे अधिक वोट कम हुए हैं। अमरोहा में सपा प्रत्याशी महबूब अली को 1,27,735 वोट मिले थे, जबकि भाजपा के रामसिंह सैनी को 57,699 और बसपा के नवैद अयाज को 34,585 वोट मिले थे। महबूब अली ने राम सिंह को लगभग 71 हजार वोटों से हराया था।
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हसनपुर विस क्षेत्र में भाजपा के महेंद्र खड़गवंशी को 1,20,135, सपा के मुखिया गुर्जर को 97,753 और बसपा के फिरे सिंह गुर्जर को 36,150 वोट मिले थे। यहां जीत का अंतर लगभग 23 हजार रहा था। मंडी धनौरा में भाजपा के राजीव तरारा को 1,03,054, सपा के विवेक सिंह को 97,629 और बसपा के हरपाल सिंह को 43,974 वोट मिले थे। यहां जीत का अंतर लगभग छह हजार रहा था।
नौगावां सादात विस क्षेत्र में सपा के समरपाल सिंह को 1,08,497, भाजपा के देवेंद्र नागपाल को 1,01,957 और बसपा के शादाब टाटा को 28,688 वोट मिले थे। यहां भी जीत का अंतर लगभग सात हजार ही रहा था। एसआइआर के बाद स्पष्ट स्थिति आगामी विस चुनाव के परिणामों को प्रभावित कर सकती है। अमरोहा को छोड़कर हसनपुर, मंडी धनौरा और नौगावां सादात विस क्षेत्रों में चुनाव परिणाम बदल सकते हैं।
नंबर गेम: एक नजर में
| विधानसभा क्षेत्र | SIR से पहले वोट | कटे हुए वोट | अब कुल मतदाता | 2022 जीत का अंतर |
| मंडी धनौरा | 3,48,805 | 58,455 | 2,90,350 | ~10,000 |
| हसनपुर | 3,73,402 | 45,995 | 3,27,407 | - |
| अमरोहा | 3,15,199 | 43,009 | 2,72,190 | 71,000 |
| नौगावां सादात | 3,32,968 | 33,178 | 2,99,790 | ~10,000 |
| कुल योग | 13,70,374 | 1,81,177 | 11,89,197 | - |
दलों की प्रतिक्रिया
एसआइआर से मतदाता सूची में पारदर्शिता आई है। जो वोट मतदाता सूची से कम हुए हैं, वे सही हैं। सपा के वोट बैंक पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। सपा ने एसआइआर की प्रक्रिया में पूरे मनोयोग से काम किया है। नोटिस मिलने पर जवाब दाखिल कराया जाएगा। - मस्तराम यादव, जिलाध्यक्ष, सपा।
एसआइआर प्रक्रिया पर पूरी नजर रखी गई है। पार्टी से जुड़े वोट प्रभावित नहीं हुए हैं। यदि किसी विस क्षेत्र में गड़बड़ी सामने आएगी तो आपत्ति दाखिल कर नोटिस का जवाब दिया जाएगा। - सोमपाल सिंह, जिलाध्यक्ष, बसपा।
एसआइआर की प्रक्रिया से संतुष्ट हैं। यह मतदान में पारदर्शिता लाएगी। जो वोट मतदाता सूची में गलत शामिल थे, अब खत्म हो गए हैं। हालांकि अभी दावे-आपत्ति व नोटिस की प्रक्रिया चलेगी। भाजपा इस प्रक्रिया का स्वागत करती है। - उदयगिरी गोस्वामी, जिलाध्यक्ष, भाजपा।
एसआइआर के माध्यम से लोगों के वोट काटे गए हैं। यह आम जनता के संवैधानिक अधिकारों का हनन है। सूची का प्रकाशन हुआ है। कांग्रेस बारीकी से उसका अध्ययन कर रही है। कांग्रेस एसआइआर की प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं है। - ओमकार कटारिया, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस।