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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'कठमुल्ला हैं मौलाना', शाहबुद्दीन रिजवी के बयान पर शमी के गांव में आक्रोश; भाई हसीब बोले- 'फाइनल की तैयारी में जुटे'

    Updated: Sat, 08 Mar 2025 08:10 AM (GMT+05:30)

    बरेली के मौलाना के मोहम्मद शमी पर दिए गए बयान से उनके गांव सहसपुर अलीनगर में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने मौलाना को कठमुल्ला कहा है। वहीं शमी के भा ...और पढ़ें

    Amroha News: भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी। फाइल
    Amroha News: भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी। फाइल

    HighLights

    1. शमी के भाई हसीब बोले- बयानबाजी से दूर शमी फाइनल की तैयारी में जुटे
    2. बरेलवी मौलाना को नहीं देना चाहिए बयान

    जागरण संवाददाता, अमरोहा। मैच के दौरान एनर्जी ड्रिंक का सेवन करने को लेकर बरेली के मौलाना की बयानबाजी से मोहम्मद शमी के गांव में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने ऐसा बयान देने वाले मौलाना को कठमुल्ला कहा। वहीं शमी के भाई हसीब ने कहा कि ऐसे बयानबाजी से शमी कोई सरोकार नहीं रखते। न ही वह इससे विचलित हैं। उनका ध्यान रविवार को चैंपियंस ट्राफी के फाइनल में न्यूजीलैंड से मुकाबले को लेकर बेहतर तैयारियों पर केंद्रित है।

    गेंदबाज मोहम्मद शमी को लेकर बरेली के मौलाना शाहबुद्दीन रिजवी द्वारा दिए गए बयान की अब चारों तरफ आलोचना हो रही है। वहीं शमी के गांव सहसपुर अलीनगर के ग्रामीणों का कहना है कि मौलाना को शरीयत व हदीस की सही जानकारी नही है। कोई भी मौलाना के बयान से इत्तेफाक नहीं कर रहा है।

    एनर्जी ड्रिंक पीते वीडियो हुआ था वायरल

    दुबई में चैंपियंस ट्राफी के दौरान आस्ट्रेलिया के विरुद्ध मैच खेलते हुए तेज गेंदबाद मोहम्मद शमी का एनर्जी ड्रिंक पीते हुए वीडियो प्रसारित हुआ था। जिसे लेकर बरेली के मौलाना शाहबुद्दीन रिजवी ने अटपटा बयान दिया था। उन्होंने मोहम्मद शमी को रोजा रखने को लेकर हिदायत देते हुए बयान जारी किया था। अब इस मामले में कई धर्मगुरु व शमी के गांव के लोगों ने मौलाना शाहबुद्दीन को चारों तरफ से घेर लिया है। उनके बयान को लेकर चारों तरफ निंदा की जा रही है।

    शमी के गांव में आक्रोश

    शमी के गांव में भारी आक्रोश है। शमी के चचेरे भाई मोहम्मद जैद ने कहा कि मौलाना शाहबुद्दीन रिजवी को न तो शरीयत की जानकारी है तथा न ही हदीस के बारे में कोई पता है। उन्हें न दीन की समझ है और न दुनियावी। आधा अधूरा ज्ञान है, जोकि उनके कठमुल्लापन को साबित करता है।

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    चर्चा में आने के लिए दिया बयान

    मोहम्मद शाबी ने कहा कि मौलाना ने यह बयान चर्चा में आने के लिए किया है। अगर उन्हें पूरी जानकारी होती तो यह बयान जारी नहीं करते। हजरते आयशा की हदीस है कि सफर में रोजा छूट जाए तो कजा (बाद में) रोजा रखा जा सकता है। साथ ही शाही मुस्लिम की हदीस 1016 में भी इसका जिक्र है। वहीं आशकार अहमद ने कहा कि मौलाना पूरी तरह से सटिया गए हैं। अपना नाम चमकाने के लिए मौलाना ने यह बयान दिया है। शमी देश के लिए खेल रहे हैं। देश पहले हैं। मौलाना का यह बयान जल्दबाजी का सबूत है।

    भतीजे ने कही ये बात

    शमी के भतीजे अदनान अहमद ने कहा कि इस समय मौलाना को किसी भी प्रकार का बयान नहीं देना चाहिए था। क्योंकि शमी देश के लिए खेल रहे हैं। शमी के साथ सारा गांव हैं, देश है। गांव में कोई भी मौलाना के बयान से इत्तेफाक नहीं कर रहा है।

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    शमी के घर पर लटका है ताला

    गांव सहसपुर अलीनगर में क्रिकेटर मोहम्मद शमी के घर पर ताला लटका है। शमी की मां अंजुम आरा उनके साथ दुबई में ही हैं। वहीं बड़े भाई हसीब अहमद मुरादाबाद में रह रहे हैं। हसीब ने कहा कि फोन पर शमी से उनकी बात हो रही है। वह इस तरह के बयान से कोई सरोकार नहीं रखते हैं। उनका पूरा ध्यान फाइनल मैच में बेहतर प्रदर्शन कर चैंपियंस ट्राफी देश के नाम करने पर केंद्रित है।