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औरैया में 10 साल के बेटे ने कोर्ट में सुनाई मां की हत्या की कहानी, गवाही से हत्यारे पिता को उम्रकैद की सजा

Published: Fri, 24 Jul 2026 10:58 PM (IST)

औरैया में 10 साल के बेटे की गवाही ने मां के हत्यारे पिता को उम्रकैद की सजा दिलाई। बेटे ने ...और पढ़ें

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HighLights

  1. 10 साल के बेटे की गवाही से पिता को उम्रकैद

  2. पिता ने शराब पीकर मां का सिर दीवार से पटका था

  3. अदालत ने दोषी पिता पर एक लाख का अर्थदंड भी लगाया

जागरण संवाददाता, औरैया। 10 साल के बेटे की गवाही आखिर उसकी मां को इंसाफ दिलाने की आवाज बन गई और मां के हत्यारे पिता को अदालत ने उम्रकैद की सजा दी। बेटे ने बताया कि पिता शराब पीकर घर आए और मां के साथ मारपीट की। इसके बाद पिता ने मां का सिर कई बार दीवार से पटका। उसने यह घटना अपनी आंखों से देखी। इसके बाद वह अपने भाई-बहनों के साथ रोते हुए नाना-नानी के पास चला गया।

सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कखावतू स्थित कांशीराम कालोनी में करीब तीन साल पहले मायके में रह रही पत्नी की उसके पति ने गला दबाकर हत्या कर दी थी। दोषी पर एक लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। इसके बाद दोषी को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद राजपूत ने बताया कि कांशीराम कालोनी निवासी संतोष बाबू ने 10 मार्च,2023 को सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उन्होंने अपनी पुत्री सरिता देवी का विवाह 20 अप्रैल,2012 को आगरा के फतेहाबाद के ग्राम टिरावली निवासी सरमन सिंह से किया था।

सितंबर,2022 में दोनों में विवाद हुआ था, जिसका समझौता थाने में कराया गया। इसके बाद वह पुत्री सरिता को अपने साथ घर ले आए और पड़ोस में एक मकान दिला दिया, जहां वह अपने तीन बच्चों के साथ रहने लगी। चार मार्च,2023 को सरमन वहां आया और रुक गया। नौ मार्च 2023 को सरिता और सरमन के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद उसने पत्नी का गला दबाकर हत्या कर दी। पोस्टमार्टम में दिवंगत के शरीर पर 10 चोटों के निशान मिले थे।

पुलिस ने विवेचना पूरी कर पति सरमन के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। शुक्रवार को निर्णय से पहले सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद राजपूत ने दिवंगत के 10 वर्षीय पुत्र आयुष को गवाही के लिए बुलाने का आग्रह किया, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया।

बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कैलाश कुमार ने उम्रकैद व एक लाख अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अधिवक्ता महावीर शर्मा ने बताया कि न्यायालय ने अर्थदंड की आधी धनराशि दिवंगत के आश्रितों को देने का आदेश दिया है।

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