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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    रामोत्सव 2024: 500 साल बाद अपने भव्य मंदिर में विराजेंगे प्रभु श्रीराम, अयोध्या ही नहीं पूरा यूपी होगा राममय

    By Jagran NewsEdited By: riya.pandey
    Updated: Fri, 01 Dec 2023 09:03 PM (GMT+05:30)

    Ramotsav 2024 भारत के इतिहास में अबतक के इस सबसे बड़े ग्रैंड इवेंट के लिए योगी सरकार 100 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी। इस दौरान यूपी महा उत्सवों के ...और पढ़ें

    रामोत्सव के भव्य आयोजन की तैयारी में योगी सरकार
    रामोत्सव के भव्य आयोजन की तैयारी में योगी सरकार

    HighLights

    1. भारत के इतिहास में अबतक के सबसे बड़ा आयोजन
    2. रामोत्सव के भव्य आयोजन की तैयारी में योगी सरकार
    3. अपने भव्य मंदिर में विराजमान होंगे भगवान राम

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। Ramotsav 2024: योगी सरकार उत्तर प्रदेश को अगले दो महीने तक पूरी तरह राममय करने में जुट गई है। अयोध्या में 22 जनवरी को भव्य श्रीराम मंदिर के उद्घाटन और रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के सुअवसर को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर संस्कृति विभाग की ओर से रामोत्सव का आयोजन किया जाएगा। 

    भारत के इतिहास में अबतक के इस सबसे बड़े ग्रैंड इवेंट के लिए योगी सरकार 100 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी। इस दौरान यूपी महा उत्सवों के प्रदेश के रूप में उभरता हुआ दिखेगा।

    उद्घाटन को लेकर कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार

    संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम के अनुसार, अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के उद्घाटन को लेकर कार्यक्रमों की पूरी रूपरेखा तैयार है। इस दौरान अयोध्या सहित प्रदेश के सभी जिलों में सांस्कृतिक आयोजन होंगे। 

    वहीं, अयोध्या के महत्वपूर्ण स्थलों पर भजन कीर्तन, रामकथा प्रवचन और रामलीलाओं के मंचन के साथ ही अन्य भक्तिमय सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। उन्होंने बताया कि जनवरी माह में पूरे विश्व से लाखों श्रद्धालु अयोध्या और प्रदेश के अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक, सांस्कृतिक शहरों की यात्रा करेंगे। इसे ध्यान में रखते हुए कार्यक्रमों के आयोजन की तैयारी है।

    दिग्गज गायकों के सुरों से होगा प्रभु का गुणगान

    प्रमुख सचिव के अनुसार, भगवान श्रीराम का जीवन हमें विचाराधना, भक्ति, कर्तव्य, रिश्ते, धर्म और कर्म के सही मायने सिखता है। ऐसे में रामकथा और रामायण परंपरा पर आधारित प्रवचनों की पूरी शृंखला आगामी दिनों में देखने को मिलेगी। 

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    इसमें अवधेशानंद जी महाराज, मोरारी बापू, रामभद्राचार्य, जया किशोरी और देवी चित्रलेखा सहित अन्य प्रख्यात कथावाचक रामकथा के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से जनमानस के मध्य श्रीराम के आदर्शों को स्थापित करेंगे। इसके अलावा भजन संध्या का भी आयोजन होगा, जिसमें अनूप जलोटा, अनुराधा पौडवाल, हरिहरन, शंकर महादेवन, कैलाश खेर, सोनू निगम, एआर रहमान आदि दिग्गज गायक अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

    संपूर्ण देश को एक सूत्र में बांधने का प्रयास

    रामोत्सव के लिए नेपाल, कंबोडिया, सिंगापुर, श्रीलंका, थाईलैंड, इंडोनेशिया आदि की रामलीला मंडलियों को भी आमंत्रित किया गया है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, कर्नाटक, सिक्किम, केरल, छत्तीसगढ़, जम्मू कश्मीर और लद्दाख की रामलीला मंडलियां भी श्रीराम के जीवन पर आधारित विभिन्न प्रसंगों की प्रस्तुतियां देंगी। 

    इसके अलावा रामायण परंपरा पर आधारित प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जाएंगे। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक पूरे देश को एकसूत्र में बांधते हुए रामचरण पादुका यात्रा और झांकियां निकाली जाएंगी।

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    यह यात्रा राम वनगमन पथ से गुजरती हुई संपूर्ण देश में निकाली जाएंगी। इसके अलावा नगर संकीर्तन के जरिए प्रदेश के सभी 826 नगर निकायों में प्रतिदिन संकीर्तन का आयोजन होगा।

    1,111 शंखों के नाद का बनेगा विश्व रिकार्ड

    प्रमुख सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रभु श्रीराम से जुड़ी हुई मूर्ति एवं शिल्पकलाओं की कार्यशाला का भी आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा प्रभु श्रीराम के आदर्श स्वरूपों को दर्शाने वाले 108 चित्रों का चित्राकंन उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी द्वारा ख्याति प्राप्त चित्रकारों के जरिए किया जाएगा। 

    यही नहीं श्रीराम जन्मभूमि पर 1,111 शंखों के वादन के जरिए विश्व रिकार्ड बनाने की भी तैयारी है। साथ ही साथ ड्रोन शो और 2500 महिलाओं द्वारा तलवार रास कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।

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