यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दोस्त का फोन आने के बाद घर से निकला था रहमान... गुजरात STF के हत्थे चढ़े अब्दुल के परिवार वालों ने क्या बताया
आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में गुजरात एसटीएफ ने अयोध्या के रहने वाले अब्दुल रहमान को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। रहमान की गिर ...और पढ़ें

HighLights
- रहमान के परिवार वालों ने बेटे को बताया निर्दोष
- जमात के बहाने दिल्ली में बनाई पैठ
संवादसूत्र, जागरण मिल्कीपुर (अयोध्या)। गुजरात एसटीएफ के हत्थे चढ़ा अब्दुल रहमान दोस्त के बुलावे पर घर से दिल्ली के लिए निकला था। उसे दिल्ली जाने की इतनी जल्दी थी कि आरक्षित टिकट न मिलने पर वह सामान्य रेल टिकट लेकर ही रवाना हो गया। यह कहना है रहमान के माता-पिता का, जो रविवार रात से ही पुलिस की निगरानी में हैं।
रहमान पर लगे आरोप को उसके स्वजन गलत मानते हैं। उनका कहना है कि बेटा निर्दोष है। दिल्ली से रहमान हरियाणा कैसे पहुंचा? यह रहस्य स्थानीय पुलिस नहीं सुलझा सकी है और न ही इस प्रकरण पर कुछ भी खुलकर बोल रही है।

फरीदाबाद में पकड़े गए संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान का मजनाई स्थित घर: जागरण
आतंकी गतिविधियों में रहमान की संलिप्तता के आरोप में गुजरात एसटीएफ ने हरियाणा के फरीदाबाद से उसे पकड़ा है। रहमान की गिरफ्तारी के बाद रामनगरी में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। ऐसी आशंका है कि सुरक्षा एजेंसियों को उससे पूछताछ में राम मंदिर के साथ गंभीर षड़यंत्र रचे जाने के संकेत मिले हैं।
रहमान का पैतृक घर इनायतनगर के मंजनाई गांव में है। अब्दुल रहमान जुलाई 2024 में दिल्ली में मरकज और इस्लाम धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए विशाखापट्टनम तक गया था। बीते नवंबर माह में वह वापस आया था। इसके पहले भी वह दिल्ली जा चुका है।
खबरें और भी
दिल्ली स्थित निजामुद्दीन में बंगले वाली मस्जिद में तब्लीगी जमात में शामिल हुआ था। रहमान मंजनाई के ही मनीराम इंटर कालेज से वर्ष 2022 में हाई स्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। फिर उसने पढ़ाई नहीं की और नौकरी की तलाश में दिल्ली पहुंच गया। दिल्ली में उसके करीबी रहते हैं। वहां से उसका संपर्क जमात से जुड़े लोगों से हुआ, जिसके बाद उसने कट्टरपंथ की राह पकड़ ली।
फैजाबाद शहर में रहने वाले जमात से जुड़े लोगों से भी उसका संपर्क सामने आया है। आसपास के गांव के लड़कों के साथ वह धीरे-धीरे मरकज और जमात में सक्रिय होने लगा था। कमाई के लिए वह ई-रिक्शा चलाता था। गत एक मार्च को दिल्ली से किसी युवक का फोन आने के बाद वह घर से निकला था।

गुजरात एसटीएफ द्वारा पकड़े गए आतंकी अब्दुल रहमान के पिता अबू बकर व मां आसमीन: जागरण
पहले जनसेवा केंद्र पर टिकट बुक करके जाने वाला था, लेकिन टिकट नहीं मिला, जिसके बाद उसने जनरल टिकट लिया और गांव के ही खुर्शीद के साथ दिल्ली के लिए ट्रेन से रवाना हो गया। पिता अबू बकर ने बताया कि रविवार देर रात पुलिस आई थी और रहमान के बारे में पूछताछ की है। घर की तलाशी ली।
उसके कापी-किताब बैग और कुछ जरूरी कागजात अपने साथ उठा ले गई है। पिता अबू बकर का फोन भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। अब्दुल रहमान के घर की माली हालत अच्छी नहीं है। परिवार अंत्योदय राशनकार्ड धारक है। उसके पिता मंजनाई बाजार में छोटे से पक्के मकान में मीट की दुकान चलाते हैं। रहमान की माता आशमीन ने बताया कि उनका इकलौता बेटा परिवार में सबसे बड़ा है। तीन छोटी बहने हैं।