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राम मंदिर चढ़ावा चोरी में अनुकल्प का नाम आने से आहत हैं गांववासी, घर पर लगा है ताला

By Mahendra TiwariEdited By: Vivek Shukla
Published: Sat, 27 Jun 2026 12:04 PM (GMT+05:30)

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में अनुकल्प मिश्र की गिरफ्तारी से उसके गांव मिल्कीपुर में सन्नाटा पसरा ...और पढ़ें

अनुकल्प मिश्रा के पैतृक घर पर लगा ताला। जागरण

अनुकल्प मिश्रा के पैतृक घर पर लगा ताला। जागरण 

HighLights

  1. अनुकल्प मिश्र राम मंदिर चढ़ावा चोरी में गिरफ्तार।

  2. परिवार की छह माह में अचानक बढ़ी समृद्धि।

  3. ग्रामीणों ने इस कृत्य को महापाप बताया।

महेंद्र तिवारी, मिल्कीपुर (अयोध्या)। मध्यमवर्गीय जीवनशैली में गुजर-बसर करने वाला अनुकल्प मिश्र का परिवार छह माह में ही नव-धनाढ्य बन गया था। मिल्कीपुर के बसावां मुतालके ईंटगांव निवासी अनुकल्प की राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तारी से शुक्रवार को उसके घर पर सन्नाटा पसरा था। ताला लगा था, परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था।

पूछने पर पड़ोसी भी खुलकर बात करने को तैयार नहीं थे। उन्हें मालूम नहीं था कि घरवाले कहां चले गए। गांव में रहने वाले अनुकल्प के बाबा राजेंद्र प्रसाद भी नहीं थे। फोन पर हुई बातचीत में अनुकल्प के पिता रवींद्र मिश्रा ने बताया, अनुकल्प अयोध्या में स्नातक की पढ़ाई कर रहा था।

कौशलपुरी में किराए पर रहता है। वह राम मंदिर की दानराशि की गिनती में लगा हुआ था। गांव के बाहर किराना दुकान पर बैठे अनुकल्प के चचेरे बाबा ने अनुकल्प और उसके पिता रवींद्र मिश्रा उर्फ रवि के बारे में बताया कि जो कुछ है, सब आप लोगों के सामने है। छह महीने में आदमी कैसे बड़ा बन जाता है, यह तो मुझे नहीं मालूम।

पुश्तैनी जमीन तो बहुत कम है। नौ बीघा के करीब ही है, जिसमें अनुकल्प के पिता चार भाई हैं। इतने खेत से कोई कैसे बड़ा बन पाएगा? पास में ही खड़े बच्चूलाल मिश्रा ने बताया कि अनुकल्प यहां नहीं, शहर में रहता था। उसने जल्द ही कौशलपुरी में मकान खरीदा था। अन्य स्थानों पर भी जमीन ले रखी है। दो माह पहले गांव में विशाल भंडारा किया था, जिसमें ट्रस्ट महासचिव चंपतराय, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आलोक सिंह रोहित और महापौर गिरीशपति त्रिपाठी शामिल हुए थे।

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गांववालों को राम मंदिर का दर्शन पास बनवा देता था। अपना रसूख ग्रामीणों को दिखाता था। छोटे-मोटे मामलों में वह थाना और तहसील में फोन भी करवा देता था। उसके परिवारीजनों के रहन-सहन और जीवनशैली में आए बदलाव से ग्रामवासी हैरान थे। जब राम मंदिर के चढ़ावा चोरी में अनुकल्प का नाम आया, तो पड़ोसियों की आशंका सच्चाई में बदल गई।

बसावां गांव निवासी अनुकल्प मिश्रा का नाम चढ़ावा चोरी में सामने आ जाने और गुरुवार को गिरफ्तारी हो जाने के बाद ग्रामवासी काफी आहत हैं। सुनील कुमार द्विवेदी ने कहा कि भगवान को दी गई दानराशि से चोरी करना महापाप है। इन लोगों के कृत्य से पूरा देश शर्मसार हुआ और मिल्कीपुर का नाम बदनाम हुआ है। वहीं, अरविंद व सोनू पांडेय ने कहा कि मंदिर में आया दान ईश्वर का होता है, उसका समाज के किसी कार्य में उपयोग तो किया जा सकता है, परंतु चोरी तो बड़ा अपराध है।

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