प्रीमियम लेकर क्लेम देने से नहीं बच सकती बीमा कंपनी, कोर्ट ने दिया नॉमिनी को 2.30 लाख रुपये देने का आदेश
अयोध्या की स्थायी लोक अदालत ने चोला मंडलम जनरल इंश्योरेंस को प्रीमियम लेने के बाद व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा का दावा भुगतान करने का आदेश दिया है।

जागरण संवाददाता, अयोध्या। वाहन के व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा की प्रीमियम राशि लेने के बाद दावा भुगतान से बीमा कंपनी पीछे नहीं हट सकती। स्थायी लोक अदालत के पीठासीन अधिकारी मनोज कुमार तिवारी, सदस्यगण राजेश शुक्ल व अजीत सिंह ने दुर्घटना के एक मामले में चोला मंडलम जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड को मृत ट्रक चालक की विधवा को दो लाख 30 हजार रुपये बीमा राशि देने का आदेश दिया है। यह राशि सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान का आदेश दिया है।
शिकायतकर्ता लक्ष्मी शर्मा के पति अवधेश शर्मा की मृत्यु छह जुलाई 2017 को सड़क दुर्घटना में हो गई थी। जिस ट्रक को वह चला रहे थे वह उनके पिता रामप्रताप के नाम पंजीकृत था, जिसका बीमा चोला मंडलम बीमा कंपनी से था। पॉलिसी में वाहन स्वामी-चालक के व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा के लिए एक सौ रुपये अतिरिक्त प्रीमियम लेकर दो लाख रुपये का कवर दिया गया था।
हादसे के बाद वाहन की क्षति के संबंध में बीमा कंपनी ने पौने चार लाख रुपये का ओडी क्लेम भुगतान तो किया, लेकिन मृतक के व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा के भुगतान में आनाकानी की। कोर्ट ने पाया कि दुर्घटना के समय शिकायतकर्ता के पति अवधेश शर्मा ही उक्त ट्रक को चला रहे थे।
बीमा कंपनी को दोनों स्थिति में या तो मालिक की हैसियत से या चालक की हैसियत से अवधेश शर्मा के विधिक उत्तराधिकारी को भुगतान करना था, लेकिन बीमा कंपनी ने भुगतान नहीं किया। बीमा कंपनी ने ट्रक की बीमा प्रीमियम राशि प्राप्त करते समय तो उदारतापूर्वक व्यवहार किया लेकिन भुगतान के समय उसका व्यवहार विपरीत हो गया है। अवधेश उस वाहन को चला रहे थे जो उनके पिता के नाम पंजीकृत था।
