गणनाकर्मी सिर्फ चोरी नहीं, करोड़ों की संपत्ति में कर रहे थे निवेश; आठों आरोपितों से 79 लाख रुपये और डॉलर-जेवर बरामद
अयोध्या राम मंदिर के दानपात्रों से चोरी करने वाले गणनाकर्मी संगठित गिरोह बनाकर चोरी के धन को संपत्तियों और अन्य मदों में निवेश कर रहे थे। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
गणनाकर्मी संगठित गिरोह बनाकर दानपात्रों से चोरी कर रहे थे।
चोरी के धन से आरोपितों ने खरीदी महंगी संपत्तियां और वाहन।
पुलिस ने 79 लाख नकद, डॉलर और आभूषण बरामद किए।
लवलेश कुमार मिश्र, अयोध्या। राम मंदिर के दानपात्रों की नकदी की गणना करने वाले कर्मी संगठित गिरोह बना चोरी कर रहे थे। गिरोह में हर उस व्यक्ति को शामिल कर धन का बंटवारा होता था, जिससे किसी समस्या की स्थिति में मदद ली जा सके। चोरी का धन सिर्फ बैंक खातों में ही नहीं रखा जाता बल्कि उसका अन्यत्र निवेश भी कराया जा रहा था।
कोई चल संपत्ति में धन खर्च कर रहा था, तो कोई अचल संपत्तियां खरीद रहा था। किसी ने शौक पूरा करने के लिए आइफोन, टैब व वाहन आदि खरीदा, तो कोई रिश्तेदारों की आर्थिक सहायता कर भविष्य सुरक्षित कर रहा था। गत 25 जून को प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जेल भेजे गए आठों आरोपितों में से अधिकांश के पास ऐसे ही निवेश के साक्ष्य मिले हैं।
नकदी और निवेश का खेल
एक-दो आरोपित ही ऐसे हैं, जिनके पास नकदी और निवेश कम मिला। वैसे तो सात जून को प्रकरण मीडिया में आने के बाद ही चढ़ावा चोरी के संदिग्ध कर्मियों की संपत्तियां व नकदी बरामदगी की बातें सामने आ रही थीं, लेकिन इस पर मुहर तब लगी जब राज्य सरकार के आदेश पर 15 जून से एसआइटी ने प्रारंभिक जांच शुरू की और इसकी रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को प्राथमिकी दर्ज हुई।
गिरफ्तारी व जेल भेजने के समय पुलिस ने इनके पास से बरामद सामान को फर्द बरामदगी में सार्वजनिक किया है। पुलिस ने आठों आरोपितों के कब्जे से कुल 79 लाख 85 हजार 493 रुपये, 1121 यूएस डालर व बड़ी मात्रा में आभूषण बरामदगी दिखाई थी। सर्वाधिक 20 लाख 39 हजार 220 रुपये नकद और 1121 यूएस डालर अविनाश के पास से मिले थे।
खबरें और भी
पुलिस को क्या-क्या मिला
चार दिनों बाद जब उसे कस्टडी रिमांड पर लेकर पुलिस उसके ठिकानों पर गई, तो न केवल ब्रेजा कार व आभूषण मिले, बल्कि शहर में महंगा प्लाट भी पाया गया।लवकुश मिश्र के पास से नकद 14 लाख 25 हजार रुपये तो मिले ही, इसकी पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम महंगी जमीन और एक साल में बैंक खाते से 24 लाख का लेनदेन मिला और लवकुश का निर्माणाधीन आलीशान मकान भी मिला।
वहीं, अनुकल्प मिश्र के पास से 16 लाख 82 हजार 40 रुपये नकद मिले और शहर के कौशलपुरी में 65 लाख रुपये कीमत का आलीशान मकान मिला। अनुकल्प ने नोएडा में भी फ्लैट खरीदा था और लखनऊ में बीबीडी कालेज के सामने रिश्तेदार के नाम जमीन ली थी। साथ ही चाचा व रिश्तेदारों की भी आर्थिक मदद कर रहा था। करुणेश पांडेय के नाम भी कई संपत्तियां मिली हैं।
टिन्नू का मिला जमीन व मकान में निवेश
रामशंकर यादव टिन्नू का भी जमीन, मकान, शेयर सहित अन्य मदों में निवेश मिला है। हालांकि, उसके पास से नकदी केवल एक लाख ही मिली। कुछ महीने पहले गणनाकर्मी बनने के कारण उसके भतीजे मनीष के पास अधिक धन तो नहीं मिला, परंतु उसने भी भागवत कथा में काफी धन खर्च किया था। गणना इंचार्ज रहे सुभाषचंद्र श्रीवास्तव ने भी घर निर्माण पर धन खर्च किया था। उसे बैंक से दागी होने के बाद भी रिटायर होने पर इंचार्ज बना दिया गया था।
एक रुपये के सिक्के से लेकर 10, 20 व 50 के नोट भी चुराए
पुलिस की फर्द बरामदगी के अनुसार, अनुकल्प के कब्जे से 500 से लेकर 20-20 रुपये तक के नोट, अविनाश से 500 से 10-10 रुपये तक के नोट, 1121 अमेरिकी डालर, 159.54 ग्राम सफेद धातु (सिल्वर जैसी), 8.11 ग्राम पीली धातु तथा 3.44 ग्राम की पीली धातु की अंगूठी बरामद दिखाई गई है।
लवकुश के कब्जे से 500-500 रुपये के नोट, रमाशंकर मिश्र के कब्जे से 500 से 10-10 रुपये तक के नोट, 24.72 ग्राम का एक बिछुआ और सफेद धातु के दो सिक्के, मनीष यादव के कब्जे से 500 से 100 रुपये तक के नोट, करुणेश पांडेय के कब्जे से 500 रुपये के नोट से लेकर एक-एक रुपये के सिक्के तथा रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के कब्जे से 500 से 100-100 रुपये तक के नोटों की बरामदगी दर्शायी गई है।