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    अयोध्या में जलापूर्ति के पहले ट्रायल में ही क्षतिग्रस्त को गई टंकी, करोड़ों की लागत से हुआ था निर्माण

    Updated: Mon, 25 May 2026 05:49 AM (IST)

    अयोध्या के खेवली ग्राम पंचायत में जल जीवन मिशन के तहत बनी करोड़ों की पानी की टंकी पहले ही ट्रायल में क्षतिग्रस्त हो गई। इससे गांव में पेयजल आपूर्ति बा ...और पढ़ें

    जलापूर्ति के पहले ट्रायल में ही क्षतिग्रस्त को गई टंकी।

    जलापूर्ति के पहले ट्रायल में ही क्षतिग्रस्त को गई टंकी।

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    संवाद सूत्र, बीकापुर (अयोध्या)। ग्राम पंचायत खेवली मे जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार की चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। करोड़ों की लागत से बनी पानी की टंकी पहली बार पानी भरते ही क्षतिग्रस्त हो गई।

    परीक्षण के दौरान जैसे ही टंकी में पानी का दबाव बढ़ने से पानी बहने लगा, जिससे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों के अनुसार पेयजल आपूर्ति शुरू करने से पहले ट्रायल के समय हुआ। विभाग के इंजीनियरों के नीचे की जमीन खिसक गई।

    जल निगम (ग्रामीण) अधिशासी अभियंता अरविंद यादव के अनुसार टंकी क्षतिग्रस्त नहीं हुई। टंकी के लाइनर के क्षतिग्रस्त होने से पानी बहने लगा जिसे ठीक कराया जा रहा है। पेयजल आपूर्ति बाधित नहीं है। बिना टंकी के पाइप से सप्लाई शुरू है। डेढ़ वर्ष से पेयजल आपूर्ति गांव में शुरू है।

    बताया कि टंकी की रुटीन सफाई में लाइनर कटने से ऐसा हुआ। लाइनर का काम टंकी के अंदर पानी का लीकेज रोकना है। टंकी नीचे उतार कर मरम्मत के लिए रख दी गई है। जिसे कंपनी को संचालन की जिम्मेदारी है, उसे ठीक कराने में 10 से 15 दिन लगेंगे।

    ''हर घर नल योजना'' के तहत पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था। शिलापट में अनुमानित लागत 3.22 करोड़ रुपये है। प्रोजेक्ट का निर्माण 21 फरवरी 2023 से शुरू हुआ। 20 जनवरी 2025 तक पूरी तरह चालू किया जाना था। आपूर्ति शुरू करने के प्रयास में यह बड़ा फाल्ट सामने आ गया।

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    ऑपरेटर श्रीराम ने बताया कि निर्माण एजेंसी के कार्य पूर्ण होने के बाद जैसे ही परीक्षण के लिए टंकी में पानी भरना शुरू हुआ तो पानी का भार संभाल न पाने से अचानक धंस गई। स्टील बाडी के बैठते ही चारों तरफ से पानी का भारी रिसाव भी शुरू हो गया।

    ऑपरेटर किसी बड़े हादसे की आशंका को भांप इसकी लिखित व मौखिक सूचना संबंधित विभागीय इंजीनियरों को दी। जल जीवन मिशन के प्रशासनिक अमले को जानकारी मिलने पर तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंची। गैस कटर से काटकर क्षतिग्रस्त स्टील टंकी हटवाया।

    ग्रामीणों को पानी मिलने में अभी कई महीनों का और लंबा इंतजार करना पड़ेगा। खेवली और आसपास के ग्रामीणों में स्थानीय प्रशासन व ठेकेदार के विरुद्ध आक्रोश है।

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