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    बेटी का रिजल्ट आया तो बूंदी के लड्डू लेकर निकले पिता, दुकान से घर पहुंचे तो मिली एक और खुशखबरी!

    Updated: Sat, 25 Apr 2026 03:13 PM (IST)

    अयोध्या की अंबिका ने हाईस्कूल में 96.17% अंक प्राप्त कर प्रदेश की मेरिट सूची में दसवां स्थान हासिल किया है। ...और पढ़ें

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    प्रवीण तिवारी, अयोध्या। यदि दिल में सपना हो और कुछ कर गुजरने का संकल्प, तो लक्ष्य कितना भी कठिन हो, आसानी से हासिल किया जा सकता है।

    कुछ ऐसा ही कर दिखाया है, सोहावल कस्बे में कास्मेटिक की दुकान संचालित करने वाले सद्गुरु कसौंधन ने, जिन्होंने अपनी बेटी अंबिका को पढ़ाने के लिए खूब यत्न किए। सीमित संसाधन में उसका मनोबल बढ़ाया और पठन-पाठन की सामग्री उपलब्ध कराई। इसी का नतीजा है कि आज अंबिका को हाईस्कूल में 96.17 प्रतिशत अंक मिले।

    रिजल्ट आने पर अंबिका के पिता बूंदी के लड्डू लेकर दुकान से घर गये। वहां पहुंचने पर पता चला कि बेटी प्रदेश की मेरिट सूची में दसवें स्थान पर है। इससे परिवार में गुरुवार को होली व दिवाली जैसी खुशियां छायी रहीं।

    अंबिका सामान्य परिवार के लिए उदाहरण है। वह पिता व माता के संघर्ष को व्यक्त करने से नहीं हिचकिचाती है, लेकिन बखूबी उसे समझती हैं।

    भावुक सद्गुरु बताते हैं कि बिटिया को बड़े विद्यालय में पढ़ाने का सपना पूरा नहीं हो सका। पैसे नहीं थे, इसीलिए पास के एमएस नाज इंटर कॉलेज, सुचित्तागंज में प्रवेश दिला दिया। वह बताते हैं कि दुकानदारी से परिवार चलाने भर का खर्चा निकलता है।

    इससे ज्यादा न तो कोई सपना था और न ही देखते हैं, लेकिन उनकी सामाजिक कार्यों में रुचि जरूर है। इसकी वजह से अंबिका की माता राजकुमारी ने विगत नगर पंचायत चुनाव में भाजपा के टिकट पर वार्ड संख्या-दस से सभासद निर्वाचित हुईं।

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    अंबिका कहती हैं कि पहले पापा के साथ दुकान पर बैठकर उनके ही मोबाइल से पढ़ाई करती थी और दुकान भी देखती थी, लेकिन बाद में पापा ने एक और मोबाइल दिलाया, तबसे घर में पढ़ती हूं।

    वह बताती है कि किताबों से नोट्स बनाकर नियमित पढ़ती रहीं। कोचिंग शुरू की थी, लेकिन सेल्फ स्टडी के लिए छोड़ दी। कहती हैं कि यदि विद्यार्थी मन लगाकर पढ़ाई करें तो वह निश्चित रूप से सफल होगा। उसका सपना आईएएस बनने का है।

    माता सभासद राजकुमारी कहती हैं कि बिटिया को आगे बढ़ाने के लिए सबकुछ करेंगे। वहीं अंबिका व्यापार मंडल अध्यक्ष बाबा वीरभद्र के आशीर्वाद को सफलता का श्रेय देती है।

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