विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

वायुसेना के योद्धा से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO तक, कैसा रहा है एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्र का सफर 

Published: Wed, 02 Sep 2026 05:58 PM (IST)

CEO Air Marshal Jitendra Mishra: वायुसेना में जांबाजी के कई कारनामे दिखाने वाले एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्र को अब राम नगरी में अगल आसमान पर उड़ान भरनी होगी।

रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र, ऑपरेशन सिंदूर में भी निभाई थी अहम भूमिका

रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र, ऑपरेशन सिंदूर में भी निभाई थी अहम भूमिका

HighLights

  1. एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के हाथों में अब राम मंदिर प्रशासन की कमान

  2. एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर ट्रस्ट की बैठक में लगी मुहर

  3. देवरिया के निवासी हैं वायुसेना के पश्चिमी कमान के चीफ रहे जितेन्द्र मिश्रा

धर्मेन्द्र पाण्डेय, अयोध्या। राम नगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में बुधवार को सेवानिवृत वायुसेना अधिकारी एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्र को सीईओ नियुक्त किया गया है। वायुसेना में जांबाजी के कई कारनामे दिखाने वाले एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्र को अब राम नगरी में अल आसमान पर उड़ान भरनी होगी।

एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्र अब वायुसेना के अनुभव व सैन्य अनुशासन से राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासन की कमान संभालेंगे। भारतीय वायुसेना में करीब 39 वर्ष के शानदार करियर का अनुभव रखने वाले एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्र ने फाइटर पायलट के रूप में भारतीय वायुसेना में छह दिसंबर 1986 को कमीशन हुए थे। 3,000 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव रखने वाले एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्र ने 18 से अधिक प्रकार के फाइटर, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर उड़ाए हैं।

जितेन्द्र मिश्रा के पिता थे लेक्चरर

राम मंदिर ट्रस्ट के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्र यूपी के देवरिया जनपद के बनकटा विकास खंड के अंतर्गत आने वाले भोपतपुरा गांव के मूल निवासी हैं। उनका जन्म एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता एक लेक्चरर (प्रवक्ता) थे। जितेन्द्र मिश्र छह दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशंड हुए थे। करीब 38 साल से अधिक के शानदार करियर के बाद वे अप्रैल 2026 में सेवानिवृत्त हुए। उन्हें 18 से अधिक प्रकार के फाइटर, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर उड़ाने का तीन हजार घंटे से ज्यादा का अनुभव है। मई 2025 में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान वे वायुसेना की सबसे महत्वपूर्ण पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ थे।

भाटपाररानी क्षेत्र के भोपतपुरा गांव के एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्रा

देवरिया के भाटपाररानी क्षेत्र के भोपतपुरा गांव के एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्र ने Western Air Command के Air Officer Commanding-in-Chief की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली है और अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सीईओ की भूमिका में रहेंगे। Integrated Defence Staff में Deputy Chief (Operations) और Deputy Chief (Doctrine, Organisation & Training) भी रहे हैं। Aircraft & Systems Testing Establishment (ASTE) के Commandant और Chief Test Pilot रहे हैं।

लेजर गाइडेड बमों को ऑपरेशनल बनाने वाली टीम 

एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्र ने करगिल युद्ध के दौरान Mirage-2000 पर लेजर गाइडेड बमों को ऑपरेशनल बनाने वाली टीम का हिस्सा रहे। उन्होंने फ्रांस में Garuda-IV मल्टीनेशनल एयर एक्सरसाइज में भारतीय वायुसेना की टुकड़ी का नेतृत्व किया और उत्कृष्ट सैन्य सेवा के लिए अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित किया गया। ‍उनको Operation Sindoor में भूमिका के लिए 2025 में सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल (SYSM) से सम्मानित किया गया। उन्होंने हाल में दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने भारत के S-400 सिस्टम की लोकेशन पता करने के लिए जासूसी नेटवर्क और स्लीपर सेल सक्रिय किए थे।

यह भी पढ़ें- राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, ऑपरेशन सिंदूर में भी निभाई थी अहम भूमिका

यह भी पढ़ें- श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में तीन सदस्यों की नियुक्ति, अयोध्या के अलावा दिल्ली व शिकोहाबाद के हैं सदस्य