होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. अनिल मिश्रा बने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी, हर बड़ी पूजा में रहे यजमान
Dr Rajesh Mishra Ayodhya: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े विभिन्न अभियानों में उनकी सहभागिता रही।

अयोध्या श्रीराम मंदिर---श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से सदस्य अनिल मिश्रा
HighLights
अयोध्या निवासी डॉ. अनिल मिश्रा पेशे से होम्योपैथिक चिकित्सक
अयोध्या की सामाजिक, धार्मिक और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय
ट्रस्ट की बैठकों में सक्रिय भूमिका निभाई
डिजिटल डेस्क, अयोध्या। राम नगरी अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी के प्रकरण में शुक्रवार को गिरफ्तारियों के दौरान ही अहम मोड़ आया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफा की अटकलें दिनभर तैरती रहीं।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के संस्थापक ट्रस्टियों में शामिल डॉ. अनिल मिश्रा का नाम राम मंदिर आंदोलन से जुड़े प्रमुख स्थानीय चेहरों में लिया जाता है। पेशे से होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. मिश्रा लंबे समय से अयोध्या की सामाजिक, धार्मिक और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान उन्होंने स्थानीय स्तर पर समन्वय और संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाईं, जिसके चलते वे आंदोलन से जुड़े प्रमुख कार्यकर्ताओं में गिने जाने लगे।
डॉ. मिश्रा का जन्म उत्तर प्रदेश के अयोध्या जनपद में हुआ। चिकित्सा क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभाई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े विभिन्न अभियानों में उनकी सहभागिता रही। स्थानीय स्तर पर संतों, सामाजिक संगठनों और आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
सुप्रीम कोर्ट के 9 नवंबर 2019 को राम जन्मभूमि विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने पांच फरवरी 2020 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया। 15 सदस्यीय ट्रस्ट में अयोध्या का प्रतिनिधित्व करते हुए डॉ. अनिल मिश्रा को ट्रस्टी नियुक्त किया गया। ट्रस्ट के गठन के साथ ही वे मंदिर निर्माण परियोजना, प्रशासनिक निर्णयों और विभिन्न समितियों के कार्यों से जुड़े रहे।
रामलला मंदिर के निर्माण के दौरान नींव पूजन से लेकर अन्य सभी अहम पूजा में डॉ. अनिल मिश्रा पत्नी के साथ यजमान की भूमिका में रहे। राम मंदिर निर्माण के दौरान डॉ. मिश्रा ने ट्रस्ट की बैठकों में सक्रिय भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं की सुविधाओं, निर्माण कार्यों की प्रगति और ट्रस्ट की गतिविधियों से जुड़े विषयों पर वे समय-समय पर अपनी बात सार्वजनिक रूप से भी रखते रहे। स्थानीय प्रतिनिधि होने के कारण मंदिर निर्माण से जुड़े कई कार्यक्रमों में उनकी महत्वपूर्ण उपस्थिति रही।
यह भी पढ़ें- शिक्षक से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव बनने तक, कैसा रहा चंपत राय का सफर
डॉ. अनिल मिश्रा को राम मंदिर आंदोलन से लेकर मंदिर निर्माण तक की पूरी प्रक्रिया में अयोध्या के प्रमुख स्थानीय प्रतिनिधि और संगठनात्मक कार्यकर्ता के रूप में देखा जाता है। ट्रस्ट में उनकी नियुक्ति को आंदोलन से लंबे समय से जुड़े स्थानीय नेतृत्व को मिली अहम जिम्मेदारी के रूप में माना गया।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।