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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    मडे राम आए... कश्मीर की मुस्लिम किशोरी ने पहाड़ी में गाया श्रीराम का भजन, क्या किसी ने एतराज नहीं किया- सवाल का दिया ये जवाब

    By naveen sharma Edited By: Aysha Sheikh
    Updated: Tue, 16 Jan 2024 01:07 PM (IST)

    Shri Ram Bhajan कश्मीर की मुस्लिम किशोरी ने पहाड़ी भाषा में श्रीराम का भजन गाया है जो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह पूछे जाने पर कि क ...और पढ़ें

    मडे राम आए... कश्मीर की मुस्लिम किशोरी ने पहाड़ी में गाया श्रीराम का भजन
    मडे राम आए... कश्मीर की मुस्लिम किशोरी ने पहाड़ी में गाया श्रीराम का भजन

    HighLights

    1. इंटरनेट मीडिया पर हुआ प्रसारित, खूब हो रही प्रशंसा
    2. बारामुला जिले में उड़ी सेक्टर की रहने वाली है जेहरा

    राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। अयोध्या धाम में 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। सभी खुश हैं और श्रीराम मंदिर में सभी अपने स्तर पर सहयोग कर रहे हैं। ऐसे में हम कश्मीरी... मैं खुद कैसे पीछे रह सकती थी? मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं... फिर मुझे एक राम भजन याद आया।

    वह हिंदी में है। मैंने उसे अपनी पहाड़ी भाषा में बदला। मुझे नहीं पता था कि इंटरनेट मीडिया पर यह इतना प्रसारित हो जाएगा। यह शब्द बारामुला जिले की जेहरा बतूल ने खुशी व्यक्त करते हुए कहे। उनके द्वारा गाया गया भजन मडे राम आए... (मेरे राम आए) हर किसी के दिल को छू रहा है।

    उत्तरी कश्मीर में नियंत्रण रेखा के साथ सटे उड़ी सेक्टर में नूरखाह की जेहरा बतूल ने दैनिक जागरण के साथ फोन पर बातचीत में कहा कि आज पूरा मुल्क राम गीत गुनगुना रहा है। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 दिन का व्रत रखा है।

    उन्होंने यह संकल्प श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की आमद में रखा है। ऐसे में हम भी इसमें जुड़ रहे हैं। मैंने जो राम गीत गाया है, वह मैंने सिर्फ पहाड़ी भाषा में अनुवाद किया है और उसे गाया है। यह गाना हिंदी में मशहूर गायक जुबिन नौटियाल ने गाया है।

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    जुबिन नौटियाल के गाने को पहाड़ी भाषा लिखा...

    जेहरा बतूल के पिता सैयद आरिफ हुसैन भी पहाड़ी भाषा के जाने माने गायक हैं। जेहरा ने कहा कि जुबिन नौटियाल का गाना बहुत अच्छा है। मैंने इसे पहाड़ी भाषा में लिखा और गाया। इसे रिकार्ड करने के बाद इसे इंटरनेट मीडिया में पोस्ट किया और वायरल हो गया।

    यह सच है कि मेरे घर में संगीत का माहौल है, लेकिन मैंने पहले कभी नहीं गया था और ना कभी इंटरनेट मीडिया या किसी अन्य सार्वजनिक मंच पर गाया है। मैं स्कूल के समय से ही वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में भाग लेती आई हूं, कई कार्यक्रमों का मंच संचालन भी किया है। एक यूट्यूब चैनल में भी मैं एंकरिंग करती हूं।

    मुस्लिमों ने भी की सराहना

    यह पूछे जाने पर कि क्या राम भजन गाने पर किसी ने एतराज नहीं किया तो जेहरा ने कहा कि मेरी तारीफ हो रही है। हमारे मुस्लिम भाइयों ने बहुत सराहना की है। हमारे इलाके के इमाम साहब ने कहा है कि हमें उस मुल्क से मुहब्बत करनी चाहिए जहां हम रहते हैं।

    इसके अलावा हमारा मजहब हमें सिखाता है कि हमें दूसरों के मजहब की भी इज्जत करनी चाहिए। श्री राम को जो जीवन है जो हमने उनके बारे में सुना है या किताबों पढ़ा है, जो टीवी पर देखा है... वह प्रत्येक के आदर्श हैं।

    हिंदू पर्यटक भी जाते हैं हमारी जियारतों में

    जेहरा ने कहा कि उड़ी में घूमने आने वाले हिंदू पर्यटक भी हमारी जियारतों में जाते हैं। ऐसे में किसी दूसरे धर्म की तारीफ करने में कोई भी भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यहां कश्मीर में हम जैसे बच्चों को जो आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है, वह उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के निजी प्रयास से हो रहा है। मैं उनका शुक्रिया करना चाहूंगी। उनके कारण यहां लोगों के दिमाग से ढेर सारी नकारात्मक चीजें गायब हुई हैं।