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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Deepotsava 2023: 24 लाख दीयों से कल जगमग होगी राजा राम की नगरी अयोध्‍या, रोशनी से सराबोर होंगे सरयू के घाट

    By Jagran NewsEdited By: Prabhapunj Mishra
    Updated: Fri, 10 Nov 2023 03:27 PM (IST)

    अयोध्‍या में भव्‍य दीपोत्‍सव की तैयार‍ियां पूरी हो चुकी है। दीयों को भी सजा द‍िया गया है। राम की पैड़ी व चौधरी चरण सिंह घाट के सभी 51 स्थलों पर 24 लाख ...और पढ़ें

    Deepotsava 2023: 24 लाख दीयों से कल जगमग होगी राजा राम की नगरी अयोध्‍या
    Deepotsava 2023: 24 लाख दीयों से कल जगमग होगी राजा राम की नगरी अयोध्‍या

    संसू, अयोध्या। गुरुवार को राम की पैड़ी व चौधरी चरण सिंह घाट के सभी 51 स्थलों पर 24 लाख दीयों को सज्जित करने की प्रक्रिया पूर्ण हो गई। शुक्रवार यानी आज दीपोत्सव की तैयारी पूरी हो गई है। गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड की टीम घाटों पर सज्जित दीयों की गणना करेगी, यदि किसी भी घाट पर कम दीये मिले तो वहां पर अतिरिक्त दीये बिछाये जाएंगे।

    इस बीच कई घाटों पर पहुंचाने के दौरान दीये टूट भी गए। दीपोत्सव के दिन एक स्वयंसेवक को 85 से 90 दीये जलाने का लक्ष्य दिया गया है। नोडल अधिकारी प्रो. संतशरण मिश्र ने बताया कि 11 नवंबर को सुबह नौ बजे से दीयों में बाती व तेल डाला जाएगा। निर्धारित समय पर इन्हें प्रज्वलित किया जएगा। भोजन समिति के संयोजक प्रो. चयन कुमार मिश्र भोजन व्यवस्था को पुख्ता करते रहे।

    अब तक की तैयारी

    • घाटों की संख्या- 51
    • स्वयंसेवक- 25 हजार
    • तैनात पर्यवेक्षक- 12
    • घाट प्रभारी- 95
    • घाट समन्वयक- एक हजार
    • विश्व कीर्तिमान के लिए प्रज्वलित दीयों का संख्या- 21 लाख
    • सज्जित किए गए दीये - 24 लाख
    • ब्लाक - 16 गुणे 16 दीप का ब्लाक
    • कुल 256 दीप

    सांस्कृतिक कार्यक्रमों गूजेंगे रामघाट, बिड़ला धर्मशाला, बड़ी देवकाली, गुप्तारघाट व भरतकुंड

    गुरुवार से ही रामनगरी में दीपोत्सव की छटा बिखरने लगी। रामघाट, बिड़ला धर्मशाला, बड़ी देवकाली, गुप्तारघाट तथा भरतकुंड में सांस्कृतिक कार्यक्रम आरंभ हो गए। इसके साथ ही लोगों को देश भर की सांस्कृतिक विधाओं को जानने का अवसर भी मिल रहा है। गुप्तारघाट पर मणिपुर के कलाकारों ने बसंत रास नृत्य तो सिक्किम के कलाकर्मियों ने सिंघी नृत्य की प्रस्तुति से दर्शकों का मनमोह लिया।

    इसके साथ ही लोग ओडिशा के दालखाई लोकनृत्य, कर्नाटक के ढोलू कुनीथा नृत्य व उत्तराखंड एवं अवधी लोकनृत्य के साक्षी बने। शुक्रवार को भी उत्तराखंड, हरियाणा, झारखंड़, नेपाल के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। दीपोत्सव के दिन फरुवाही व ब्रज का लोकनृत्य देखने को मिलेगा। भरतकुंड में लोकगायन व राई नृत्य की प्रस्तुति हुई। बड़ी देवकाली पर दर्शकों को केरल का कथकली नृत्य देखने को मिला। इसके साथ दर्शकों ने बिहार का झिझया व आजमगढ़ का धोबिया लोकनृत्य देखा।

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    बिड़ला धर्मशाला पर उत्तराखंड, हरियाणा व पंजाब के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों की वाहवाही बटोरी। रामघाट पर श्रोताओं ने भजन का आनंद लिया। रामघाट पर पाई डंडा, ढोल ताशा व छाई नृत्य की प्रस्तुति भी हुई। अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक लवकुश द्विवेदी ने बताया कि चयनित स्थलों पर शुक्रवार व शनिवार को भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।

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