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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Milkipur By Election: म‍िल्कीपुर में ट्रंप कार्ड साबित होंगे ब्राह्मण-यादव वोटर्स, क्‍या है स‍ियासी समीकरण?

    Updated: Mon, 27 Jan 2025 07:45 AM (GMT+05:30)

    Milkipur By election मिल्कीपुर में अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या सर्वाधिक है। सपा व भाजपा दोनों दलों ने पासी जाति का प्रत्याशी उतारा है। अनुसूचि ...और पढ़ें

    म‍िल्‍कीपुर उपचुनाव के ल‍िए चढ़ा स‍ियासी पारा।
    म‍िल्‍कीपुर उपचुनाव के ल‍िए चढ़ा स‍ियासी पारा।

    HighLights

    1. मिल्कीपुर उप चुनाव में ब्राह्मण और यादव मतदाताओं की भूमिका होगी महत्वपूर्ण
    2. आरक्षित होने से पहले इस सीट से चार बार ब्राह्मण व नौ बार यादव बिरादरी का चुना गया जनप्रतिनिधि

    प्रहलाद तिवारी, अयोध्या। मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र भले ही आरक्षित सीट है, लेकिन यहां का परिणाम ब्राह्मण व यादव मतदाताओं के हाथ में होगा। दोनों जातियों के मतदाता जिस दल की तरफ रुख करेंगे, उसकी विजय तय है। यही कारण है कि ब्राह्मण व यादव मतदाताओं को सहेजने में दोनों राजनीतिक दल लगे हैं। दोनों वर्ग के मतदाताओं की अहमियत इससे भी समझी जा सकती है कि आरक्षित होने से पहले वर्ष वर्ष 1967 से लेकर वर्ष 2007 तक यहां से चार बार ब्राह्मण व नौ बार यादव जनप्रतिनिधि चुना गया है।

    मिल्कीपुर में अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या सर्वाधिक है। सपा व भाजपा दोनों दलों ने पासी जाति का प्रत्याशी उतारा है। अनुसूचित जाति के मतदाताओं में बंटवारा होने की स्थिति में पिछड़े वर्ग में यादव मतदाता व अगड़ा वोट खासकर ब्राह्मण ट्रंप कार्ड बन सकते हैं। इनका समर्थन पाने के लिए सपा व भाजपा में होड़ है। पासी बिरादरी के बाद सर्वाधिक लगभग 60 हजार से अधिक ब्राह्मण मतदाता हैं। इस वर्ग को भी स्वयं से जोड़ने के लिए भाजपा और सपा जोर लगाए है। लगभग 50 हजार यादव मतदाताओं की संख्या बताई जा रही है।

    शुक्रवार को मिल्कीपुर के कोर मतदाताओं को साधने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिल्कीपुर में अब तक हुए दोनों उपचुनाव के विजेता रुदौली विधायक रामचंद्र यादव को पिछड़े वर्ग विशेषकर यादव मतदाताओं में सेंधमारी का जिम्मा तो प्रमुख ब्राह्मण चेहरे पूर्व विधायक इंद्रप्रताप तिवारी खब्बू को ब्राह्मण मतदाताओं को सहेजने का दायित्व सौंपा है। भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी के रहने वाले आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, खाद्य व रसद राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा, मेयर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, प्रथम महापौर रिषिकेश उपाध्याय सहित कई ब्राह्मण विधायक उतारे हैं तो सपा भी पीछे नहीं है।

    पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय, पूर्व विधायक जयशंकर पांडेय, विधायक बैजनाथ दुबे जनसंपर्क करने में जुटे हैं तो नेता प्रतिपक्ष माताप्रसाद पांडेय भी मिल्कीपुर के रण में उतरने वाले हैं। इसी तरह यादव मतदाताओं में पैठ बनाने के लिए भाजपा ने मुलायम सिंह यादव की बहू व राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव का जनसंवाद करा चुकी है और खेलमंत्री गिरीश यादव पिछले तीन माह से जनसंपर्क में जुटे हैं। सपा की तरफ से पूर्व मंत्री आनंदसेन यादव को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जिम्मेदारी दी है। बाराबंकी सदर के विधायक सुरेश यादव सहित दर्जनभर विधायक भी समर्थन जुटाने में जुटे हैं।

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