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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ram Mandir: रामनगरी को मिली एटीएस-एसटीएफ, 11 हजार से अधिक कैमरे कर रहे निगरानी… अयोध्या की सुरक्षा हुई दोगुनी

    Updated: Wed, 22 Jan 2025 07:00 AM (IST)

    रामनगरी में सुरक्षा के प्रबंधों में कई स्तर पर वृद्धि देखने को मिली है जिसमें थानों की संख्या 18 से बढ़कर 21 हुई है। राम मंदिर की सुरक्षा को अभेद्य बन ...और पढ़ें

    रामनगरी अयोध्या में तैनात एटीएस कमांडो: जागरण
    रामनगरी अयोध्या में तैनात एटीएस कमांडो: जागरण

    HighLights

    1. रामनगरी में सुरक्षा के प्रबंधों में कई स्तर पर वृद्धि देखने को मिली
    2. सुदृढ़ सुरक्षा के लिए पहली बार सीआईएसएफ से सुरक्षा ऑडिट

    रविप्रकाश श्रीवास्तव, अयोध्या। धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनने के साथ ही रामनगरी सेफ सिटी के रूप में भी प्रतिष्ठित हो रही है। रामजन्मभूमि पर आए सुप्रीम फैसले के बाद रामनगरी में सुरक्षा के प्रबंधों में कई स्तर पर वृद्धि देखने को मिली है। जिले में थानों की संख्या 18 से बढ़ कर 21 हुई। 

    राम मंदिर की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए , जहां संसाधनों में विस्तार किया गया, वहीं राम मंदिर के बाहरी क्षेत्र में भी निगरानी प्रबंधों को विस्तार मिला और भविष्य के लिए भी कई योजनाएं प्रस्तावित हैं।

    रामनगरी की सुरक्षा में बढ़ोतरी

    राम मंदिर को केंद्र में रखकर ही रामनगरी की सुरक्षा में बढ़ोतरी की गई। आतंकी हमले का दंश झेल चुकी रामनगरी की सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए पहली बार सीआईएसएफ से सुरक्षा ऑडिट कराया गया। 

    रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को विस्तार दिया गया। परंपरागत सुरक्षा उपायों के अतिरिक्त विशेष सुरक्षा बल एवं सीआइएसएफ के साथ ही यहां पहली बार एटीएस और एसटीएफ की यूनिट तैनात हुईं। आतंकी खतरे से निपटने के लिए एनएसजी की टीम भी यहां मैपिंग कर चुकी है। 

    निगरानी के लिए कमांड सेंटर की स्थापना

    राम मंदिर की आंतरिक सुरक्षा में सीआरपीएफ एवं पुलिस के अतिरिक्त नई कड़ी एसएसएफ को जोड़ा गया। पहले से ही लगे सीसीटीवी कैमरों में लगभग तीन गुना वृद्धि की गई। वर्तमान में जिले के अंदर 11 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है, जिसमें तीन हजार कैमरे अयोध्याधाम में हैं। भविष्य में इनकी संख्या और बढ़ाने की योजना चल रही है। 

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    निगरानी के लिए यहां कमांड सेंटर की स्थापना की गई है। शहर के 14 चौराहों पर कलर लाइट सिग्नल के साथ ही यहां उच्च क्षमता वाले सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए। उचक्कों पर नियंत्रण एवं चोरी की घटनाओं में छानबीन के लिए पहली बार एंटी थेप्ट सेल का गठन हुआ, वहीं महिला अपराधों को रोकने के लिए महिला पुलिस कर्मियों को बीट आवंटित की गई। वहीं प्रत्येक थाने पर महिला हेल्प डेस्क भी बनाए गए।

    पेट्रोलिंग के अतिरिक्त निगरानी के लिए आधुनिक संसाधनों का भी उपयोग किया जाता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ उनका सहयोग भी पुलिस कर रही है। अपराध नियंत्रण के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था की निरंतर समीक्षा की जाती है। महिला अपराध को रोकने के लिए महिला पुलिस कर्मियों की विशेष ड्यूटी लगाई जाती है।

    -राजकरन नय्यर, एसएसपी, अयोध्या

    एक हजार बढ़े पुलिस कर्मी, पर्यटकों के लिए बनी हेल्प डेस्क

    सुरक्षा को सुदृढ बनाने के लिए रामनगरी में एक हजार पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ी है। इनमें निरीक्षक, उप निरीक्षक और सिपाही हैं। इसके अतिरिक्त सुरक्षा के साथ-साथ पर्यटकों की सुविधा के लिए रामनगरी में हेल्पडेस्क भी स्थापना की गई। जनता तक बात पहुंचाने के लिए प्रमुख चौराहों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी लगाए जा चुके हैं।

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