राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच भी कम नहीं हुई आस्था, तमिलनाडु की महिला श्रद्धालु ने दिया 4 करोड़ 10 हजार का दान
तमिलनाडु की एस नागलक्ष्मी ने अयोध्या राम मंदिर के कर्मचारियों के कल्याण और वेतन वृद्धि के लिए चार करोड़ रुपये ...और पढ़ें

महिला श्रद्धालु ने श्रीराम मंदिर के लिए 10 हजार और कर्मियों के लिए चार करोड़ रुपये किया दान।
HighLights
तमिलनाडु की नागलक्ष्मी ने किया बड़ा दान।
चार करोड़ रुपये मंदिर कर्मचारियों के लिए समर्पित।
कर्मचारियों के वेतन वृद्धि, सुविधाओं पर खर्च होंगे।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। चढ़ावा चोरी विवाद के बीच रामलला के प्रति आस्था और मंदिर में सेवा करने वाले कर्मचारियों के प्रति सम्मान का अनूठा उदाहरण सोमवार को श्रीरामजन्मभूमि परिसर में देखने को मिला। तमिलनाडु के कोयंबटूर शहर से अयोध्या पहुंची महिला श्रद्धालु एस नागलक्ष्मी ने राम मंदिर के लिए जहां 10 हजार रुपये का दान दिया।
वहीं, मंदिर में कार्यरत कर्मचारियों के लिए चार करोड़ रुपये का चेक समर्पित किया। इतनी बड़ी राशि मंदिर के निर्माण या अन्य व्यवस्थाओं के बजाय कर्मचारियों की सुविधा के लिए देने की चर्चा रामजन्मभूमि परिसर में भी होती रही।
महिला श्रद्धालु ने सबसे पहले बिड़ला धर्मशाला के सामने स्थित यात्री सेवा केंद्र पर दान के साथ अपनी मंशा स्पष्ट की। उन्होंने लिखित रूप से अनुरोध किया कि चार करोड़ रुपये की धनराशि का उपयोग राम मंदिर में कार्यरत कर्मचारियों की सुविधाओं को बेहतर करने और उनके वेतन में वृद्धि के लिए किया जाए। यहां पर दान की रसीद काटी गई। फिर वह रामघाट स्थित ट्रस्ट के अकाउंट कार्यालय पहुंचीं।
नागलक्ष्मी ने रामलला के दर्शन के साथ अपनी श्रद्धा को सेवा भाव से जोड़ते हुए यह दान किया। उनका मानना है कि रामलला की सेवा और मंदिर की व्यवस्थाओं को सुचारु रखने वाले कर्मचारियों की सुविधाओं का ध्यान रखना भी भगवान की सेवा का ही एक हिस्सा है। महिला श्रद्धालु की इस पहल ने मंदिर परिसर में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
आमतौर पर श्रद्धालु मंदिर निर्माण, धार्मिक अनुष्ठानों और अन्य व्यवस्थाओं के लिए दान करते हैं, लेकिन कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं के लिए इतनी बड़ी राशि समर्पित करने का मामला चर्चा का विषय बना रहा।
राष्ट्रीय फलक पर छाए चढ़ावा चोरी विवाद के बीच चार करोड़ रुपये की बड़ी राशि मंदिर कर्मियों के लिए समर्पित किए जाने से यह संदेश भी सामने आया कि राम मंदिर की भव्यता के साथ यहां सेवा देने वाले कर्मचारियों के योगदान को लेकर भी श्रद्धालुओं में सम्मान और संवेदना है।
