Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    चढ़ावा चोरी: आज SIT को साक्ष्य देंगे संतोष दुबे, ट्रस्ट पर भूमि खरीद में हेराफेरी के भी लगाए आरोप

    Updated: Mon, 13 Jul 2026 11:38 AM (IST)

    एसआईटी ने रामलला चढ़ावा चोरी मामले में धर्म सेना अध्यक्ष संतोष दुबे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जानकारी ली है। ...और पढ़ें

    आज SIT को साक्ष्य सौंपेंगे संतोष दुबे।

    आज SIT को साक्ष्य सौंपेंगे संतोष दुबे।

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण संवाददाता, अयोध्या। चढ़ावा चोरी के मामले की जांच कर रही एसआईटी की टीम ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से धर्म सेना के अध्यक्ष संतोष दुबे से आवश्यक जानकारी हासिल की है।

    रामलला के चढ़ावा चोरी का प्रकरण सामने आने के साथ संतोष दुबे राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के घोर आलोचक बने हुए हैं।

    हालांकि उनके ट्रस्ट पर आरोप चढ़ावा चोरी तक ही नहीं है, वह ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई भूमि पर भी सवाल उठा रहे हैं और उनका आरोप है कि ट्रस्ट ने भूमि खरीद में करोड़ों की हेराफेरी की है।

    ट्रस्ट ने सोमवार को संतोष दुबे को चढ़ावा चोरी से संबंधित साक्ष्य के साथ लखनऊ बुलाया है। संतोष दुबे आज एसआईटी को ट्रस्ट के खिलाफ सबूत सौंपेंगे।

    कौन हैं संतोष दुबे?

    संतोष दुबे धर्म सेना के अध्यक्ष हैं और राम जन्म भूमि मुक्ति आंदोलन से भी जुड़े रहे हैं। साथ ही वह विवादित ढांचा गिराए जाने के आरोपी भी रहे हैं। 

    image (3)

    एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक

    बता दें कि एसआईटी की प्राथमिक रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद अब एक और चर्चा गर्म है। यह चर्चा ट्रस्ट की व्यवस्था में कार्य विभाजन से संबंधित है। ट्रस्ट में तत्कालीन महासचिव चंपतराय सहित 15 ट्रस्ट सदस्य थे लेकिन शायद ही इनके बीच कार्य विभाजन तार्किक ढंग से नहीं हुआ।

    Ram-Mandir-chadhawa-chori-News-1782867626096_v

    प्रत्यक्ष रूप से चंपतराय, डॉ. अनिल मिश्र व गोपाल राव का नाम ही मंदिर की व्यवस्था से जोड़ा जाता रहा। प्रत्येक कार्यक्रम व व्यवस्था में यही देखे जाते थे। भले ही ट्रस्टियों में कार्य विभाजन होने का दावा हो, लेकिन एसआईटी की प्राथमिक जांच रिपोर्ट ने इस दावे को आईना दिखा दिया है।

    गणना के नियमों में हुआ बदलाव

    इसके अलावा श्रीराम मंदिर में चढ़ावे में मिल रही धनराशि की गणना के नियमों बदलाव हो रहा है। इसके अंतर्गत अब कर्मचारियों को साप्ताहिक छुट्टी भी दिये जाने का निर्णय हुआ है। अब रविवार को गणना नहीं की जाएगी। नई नियम लागू हो गई।

    12 जुलाई रविवार को गणना नहीं की गई। इससे जुड़े सूत्र बताते हैं कि इस व्यवस्था के लागू होने से कर्मचारियों को आराम मिलेगा वह आसानी से नई बने गणना नियमावली का पालन भी कर सकेंगे। इन दोनों 18 से 20 लाख रुपए नित्य चढ़ावा में आ रहा हैं।

    खबरें और भी

    ram-mandir-(3)-1783637522040_v

    22 जुलाई को ट्रस्ट की प्रस्तावित बैठक

    सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट की 22 जुलाई को प्रस्तावित बैठक में अंतरिम महासचिव के स्थान पर पूर्णकालिक महासचिव की नियुक्ति के साथ ही रिक्त पदों पर भी नए सदस्यों का चयन होगा।

    इसके लिए कुछ नामाें पर विचार भी किया जा रहा है और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति को लेकर भी रामनगरी के संतों का मंतव्य भी लिया जा रहा है।

    यह भी पढ़ें- 'ऐसी घटना दोबारा न हो', राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर RSS ने जताया दुख