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अरुण राजभर ने आजमगढ़ में सपा को घेरा, कहा - 'सपा के कई नेता आज भी अखिलेश यादव से संतुष्ट नहीं'

By Anil MishraEdited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 20 Jun 2026 03:37 PM (IST)

सुभासपा महासचिव अरुण राजभर ने आजमगढ़ में सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी में बौखलाहट है और कई ...और पढ़ें

आजमगढ़ में अरुण राजभर का सपा पर तीखा वार, अखिलेश यादव के नेतृत्व पर उठाए सवाल।

आजमगढ़ में अरुण राजभर का सपा पर तीखा वार, अखिलेश यादव के नेतृत्व पर उठाए सवाल।

HighLights

  1. सपा में बौखलाहट, नेता ही पार्टी को कमजोर कर रहे।

  2. अखिलेश यादव के नेतृत्व से कई सपा नेता असंतुष्ट।

  3. राम मंदिर दानपेटी जांच पर सीएम योगी के निर्देश।

जागरण संवाददाता,आजमगढ़। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर ने समाजवादी पार्टी  पर राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि सपा में बौखलाहट का माहौल है और उनके नेता ही पार्टी को कमजोर करने में लगे हुए हैं। उन्होंने सुभासपा के सपा में विलय और अखिलेश यादव से मुलाकात को लेकर इंटरनेट मीडिया पर चल रही चर्चाओं को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया।

शनिवार को अतरौलिया निरीक्षण भवन में प्रेस-प्रतिनिधियों से वार्ता में  अरुण राजभर ने कहा कि सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर की एक प्रतिक्रिया से समाजवादी परिवार में खलबली मच गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के नेता जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने के लिए अफवाहों का सहारा ले रहे हैं।

राजभर ने प्रो. रामगोपाल यादव द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखी गई कथित चिट्ठी का जिक्र करते हुए कहा कि यदि सपा नेताओं में सच्चाई है तो उन्हें इस विषय पर सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया।

सपा की आंतरिक राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर लंबे समय से मतभेद रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आज भी सपा के कई वरिष्ठ नेता अखिलेश यादव के नेतृत्व से संतुष्ट नहीं हैं और यदि यही स्थिति बनी रही तो पार्टी के भीतर असंतोष और बढ़ सकता है।

राम मंदिर की दानपेटी से जुड़ी चर्चाओं पर पूछे गए सवाल के जवाब में अरुण राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विपक्षी दलों पर धार्मिक और सामाजिक मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया।