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    आजमगढ़ के सरकारी आयुर्वेदिक अस्पतालों में पंचकर्म से इलाज, माइग्रेन और त्वचा रोग का होगा उपचार

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 05:51 PM (GMT+05:30)

    आजमगढ़ के दो सरकारी आयुर्वेदिक अस्पतालों में बीएचयू की तर्ज पर पंचकर्म पद्धति से इलाज की सुविधा जल्द शुरू होगी। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. आजमगढ़ के दो सरकारी अस्पतालों में पंचकर्म सुविधा शुरू होगी।

    2. माइग्रेन और त्वचा रोग का इलाज पंचकर्म पद्धति से होगा।

    3. बीएचयू की तर्ज पर अगस्त के अंत तक सुविधा मिलेगी।

    जागरण संवाददाता, आजमगढ़। बीएचयू की तर्ज पर जनपद के दो अस्पतालों में मरीजाें को पंचकर्म पद्धति से इलाज की सुविधा मिलेगी। शहर के एलवल स्थित राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल और अंजान शहीद में पंचकर्म पद्धति से जल्द उपचार शुरू होगा। मरीजों की सुविधाओं को लेकर आयुर्वेदिक विभाग तैयारी में जुटा हुआ है। पंचकर्म पद्धति से पहले माइग्रेन और त्वचा रोग के मरीजों को इलाज की सुविधा मिलेगी।

    जनपद में 49 आयुर्वेदिक और 11 यूनानी अस्पतालों का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में दिन-प्रतिदिन आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।

    मरीजों का मानना है कि आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज से शरीर में कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। विभागीय अधिकारियों का मनना है कि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो अगस्त माह के अंत में मरीजों को इलाज की सुविधाएं मिलने लगेगी।

    क्या है पंचकर्म?

    वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, पंचकर्म आयुर्वेद की एक ऐसी विधा है जो शरीर के भीतर जमा हानिकारक तत्वों (विषैले पदार्थों) को बाहर निकालकर शरीर का शुद्धिकरण करती है। इसमें वमन, विरेचन, नस्य, बस्ती और रक्तमोक्षण जैसी पांच प्रमुख क्रियाएं शामिल होती हैं। यह पद्धति केवल बीमारी को ठीक ही नहीं करती, बल्कि उसे जड़ से खत्म करने में मदद करती है।

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    इन बीमारियों का होगा इलाज

    आयुर्वेदिक अस्पतालों में इस सुविधा के शुरू होने से मुख्य रूप से माइग्रेन, पुरानी गठिया (अर्थराइटिस), सायटिका, रीढ़ की हड्डी और जोड़ों का दर्द, पुरानी कब्ज, मोटापा, लिवर से जुड़ी बीमारियां, त्वचा रोग (सोरायसिस, एक्जिमा), अनिद्रा और अत्यधिक मानसिक तनाव से जूझ रहे मरीजों को सीधा फायदा मिलेगा। अभी तक तक इन बीमारियों केइलाज के लिए लोगों को निजी क्लीनिकों में हजारों रुपये खर्च करने पड़ते थे, जो अब सरकारी अस्पताल में मुमकिन होगा।

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    जनपद के चयनित मुख्य आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में पंचकर्म यूनिट स्थापित करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। इलाज के लिए संबंधित चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पंचकर्म के विशेषज्ञ चिकित्सक और प्रशिक्षित थेरेपिस्ट (महिला एवं पुरुष) की तैनाती की जाएगी, ताकि मरीजों को उच्च स्तरीय थेरेपी मिल सके।

    -डाॅ.राजेश कुमार, जिला आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी