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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूपी के इस ज‍िले में रिंग रोड न‍िर्माण को योगी सरकार की मंजूरी, 27 गांवों से अधि‍ग्रहि‍त की जाएगी जमीन

Published: Mon, 19 May 2025 05:16 PM (IST)

आजमगढ़ जिले में रिंग रोड के निर्माण को योगी सरकार ने मंजूरी दे दी है। यह रिंग रोड 27 गांवों ...और पढ़ें

उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ।- फाइल फोटो
उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ।- फाइल फोटो

HighLights

  1. 27 गांवों से होकर गुजरेगा रिंग रोड
  2. किसानों से ली जाएगी जमीन
  3. जाम की समस्या होगी कम

संवाद सहयोगी, आजमगढ़। जिले में जाम की समस्या को देखते हुए रिंग रोड बनाने की प्रक्रिया काफी समय से चल रही थी। रानी की सराय सेमरहा अंडरपास से गोरखपुर-दोहरीघाट मार्ग पर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के समीप उकरौड़ा तक 15.7 किमी लंबे रिंग रोड निर्माण की शासन से मंजूरी मिल गई है। इसके लिए 27 गांवों के किसानों की 91.3991 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। एनएचआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ) अब डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयारी में जुटा है।

प्रयागराज-मुंगरा बादशाहपुर-जौनपुर, आजमगढ़ दोहरीघाट राजमार्ग के अंतर्गत पड़ने वाले आजमगढ़ बाईपास (शहर के पूर्वी भाग में) को फोरलेन और सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रस्तावित था, जिसके लिए कार्यदायी संस्था ने पहले सर्वे किया और अब निर्माण की मंजूरी मिलने के बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिंग रोड वाराणसी-लुंबिनी एनएच-233 के सेमरहा रानी की सराय गांव के पास स्थित किमी संख्या-218. 800 से शुरू होकर बैठौली बाईपास होते हुए प्रयागराज-दोहरीघाट-गोरखपुर मार्ग पर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के 247. 850 किमी पर उकरौड़ा के समीप जाकर मिलेगा।

इन गांवों से होकर गुजरेगा रिंग रोड

एनएचआई के सर्वे में जिन 27 गांवों के किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। उसमें सेमरहा, खैरपुर जगजीवन, मोलनापुर माफी, ऊंचा गांव, तमौली, जिरिकपुर, अबू सईदपुर, सरायशादी, गौरडीह आइमा, गौरडीह खालसा, बेलनाडीह, चकदुबे, हेंगापुर, बजहूद्दीनपुर, बिहरोजपुर, छित्तमपुर, बैठौली, शाहगढ़, दौलतपुर, बद्दोपुर, अईनिया, लोहरैया, शेखपुरा, कोठरा, आहोपट्टी, चंदौका और उकरौड़ा शामिल हैं।

रिंग रोड निर्माण के लिए सर्वे कर शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। अब निर्माण की मंजूरी मिलने के बाद डीपीआर तैयार की जा रही है। शासन स्वीकृति मिलने के बाद किसानों की भूमि के अधिग्रहण की कार्रवाई की जाएगी।- श्रीप्रकाश पाठक, महाप्रबंधक (तकनीकी), सह परियोजना निदेशक।