आजमगढ़ में स्वाइन फ्लू की जांच के लिए मिलेंगी 45 किट, इमरजेंसी वाले सभी बेड फुल
आजमगढ़ के राजकीय मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू की जांच अभी शुरू नहीं हुई है, 45 किट का इंतजार है। ...और पढ़ें

स्वाइन फ्लू की जांच के लिए मिलेंगी 45 किट।
HighLights
राजकीय मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू जांच किट का इंतजार।
इमरजेंसी वार्ड और ओपीडी में मरीजों का भारी दबाव।
तेज बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
जागरण संवाददाता, चक्रपानपुर (आजमगढ़)। मौसम में बदलाव के साथ वायरल फीवर और सांस संबंधी संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ने के बीच राजकीय मेडिकल कॉलेज व सुपर फैसिलिटी अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच अभी शुरू नहीं हो सकी है।
अस्पताल के तीसरे फ्लोर पर स्किन विभाग में अलग से 3 केविन में चार-चार की संख्या में 12 बेड लगाए गए हैं। इसके साथ अस्पताल में 30 मच्छरदानी भी उपलब्ध है।
जांच के लिए 45 किट का ऑर्डर पहले ही दिया जा चुका है, लेकिन इनके सोमवार से मंगलवार तक उपलब्ध होने की उम्मीद है। किट मिलते ही माइक्रोबायोलाजी विभाग में स्वाइन फ्लू की जांच शुरू कर दी जाएगी। विभाग ने जांच के लिए ट्रूनैट मशीन समेत अन्य सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
माइक्रोबायोलॉजी विभाग के बीएसएल-2 लैब प्रभारी डा. आतोष त्रिपाठी ने बताया कि जांच के लिए ट्रूनैट मशीन तैयार है। किट उपलब्ध होते ही नमूनों की जांच शुरू कर दी जाएगी। अस्पताल में स्वाइन फ्लू के उपचार में इस्तेमाल होने वाली कुछ विशिष्ट दवाइयां भी उपलब्ध करा दी गई हैं।
इमरजेंसी में बढ़ा मरीजों का दबाव
वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पताल की इमरजेंसी पर भी दबाव बढ़ गया है। 30 बेड की इमरजेंसी में मरीजों की संख्या बढ़ने पर चार अतिरिक्त बेड लगाए गए हैं। इसके बावजूद सभी बेड भरे हुए हैं। कई मरीजों को इलाज के लिए बेड खाली होने का इंतजार करना पड़ रहा है।
मेडिसिन ओपीडी में भी रोजाना 400 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या वायरल फीवर, तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, सिर व बदन दर्द और कमजोरी की शिकायत वाले मरीजों की है।
मरीजों की बढ़ती भीड़ का असर पर्चा काउंटर के साथ पैथोलाजी और रेडियोलाजी विभाग पर भी दिखाई दे रहा है। जांच के लिए मरीजों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।
तेज बुखार को सामान्य न समझें
मेडिसिन विभागाध्यक्ष एवं एमरजेंसी मेडिसिन के नोडल डॉ. अमित कुमार पटेल ने बताया कि कई दिनों तक तेज बुखार रहने पर मरीज को इसे सामान्य समझकर घर पर इलाज नहीं करना चाहिए। चिकित्सक से परामर्श लेकर आवश्यक जांच करानी चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेना नुकसानदायक हो सकता है।
मरीज पर्याप्त आराम करने के साथ पानी और अन्य तरल पदार्थ लेते रहें। पौष्टिक भोजन का सेवन करें और बाहर के खाद्य पदार्थों से बचें। शुगर, बीपी और सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित मरीजों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
दवाइयां उपलब्ध, किट का इंतजार
अस्पताल में दवाइयों की उपलब्धता पहले से है। स्वाइन फ्लू से संबंधित कुछ विशिष्ट दवाइयों और जांच किट का आर्डर पहले ही दिया जा चुका है। विशिष्ट दवाइयां उपलब्ध हो गई हैं, जबकि 45 जांच किट सोमवार से मंगलवार तक मिलने की उम्मीद है। किट मिलते ही जांच शुरू करा दी जाएगी। -डॉ. बीडी सिंह, प्रधानाचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज।
