आजमगढ़ में व्यवसायिक वाहनों के ऑटोमैटिक और मैनुअल फिटनेस बंद, डेडलाइन खत्म होने पर देना पड़ रहा विलंब शुल्क
आजमगढ़ में ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) शुरू न होने से व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच पूरी तरह ठप हो गई है। इससे वाहन मालिकों को जौनपुर, मऊ जैसे ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
एटीएस शुरू न होने से व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस ठप।
शासन के निर्देश पर मैनुअल फिटनेस पर भी रोक।
वाहन स्वामी अन्य जिलों में जाकर फिटनेस करा रहे।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। जिले में ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) शुरू न होने से व्यवसायिक वाहनों की फिटनेस जांच पूरी तरह ठप हो गई है। शासन के निर्देश पर 30 जून के बाद मैनुअल फिटनेस पर रोक लगा दी गई, लेकिन जिले में एटीएस अब तक चालू नहीं हो सका। ऐसे में प्रतिदिन 30 से 40 व्यवसायिक वाहन बिना फिटनेस कराए आरटीओ कार्यालय से लौट रहे हैं।
कई वाहन स्वामी मजबूरी में जौनपुर, मऊ, वाराणसी समेत अन्य जिलों में जाकर वाहनों की फिटनेस करा रहे हैं। सरकार ने फिटनेस प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन से जांच अनिवार्य की है। हालांकि स्थानीय स्तर पर एटीएस का निर्माण और लाइसेंस की प्रक्रिया समय से पूरी नहीं होने के कारण फिटनेस का काम शुरू नहीं हो पाया है।
इससे ट्रक, बस, स्कूल वैन, ऑटो और मालवाहक वाहनों के संचालकों की परेशानी बढ़ गई है। वाहन स्वामियों का कहना है कि फिटनेस अवधि समाप्त होने के बाद बिना वैध प्रमाणपत्र के वाहन चलाने पर चालान और जुर्माने का खतरा बना हुआ है। समय सीमा बीतने पर प्रतिदिन विलंब शुल्क भी देना पड़ रहा है।
शासन के निर्देशानुसार व्यवसायिक वाहनों की फिटनेस अब ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन से ही कराई जानी है। एटीएस शुरू न होने के कारण फिलहाल मैनुअल फिटनेस भी बंद है। -अतुल कुमार, एआटीओ।