विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

आजमगढ़ में एटीएस के आपरेशन में शामिल होने के पहले ही पुलिस ने आरोपित को मार गिराया था

By Mohan Pratap RaoEdited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 23 Sep 2026 02:07 PM (IST)

आजमगढ़ के शंभूपुर गहजी गांव में पूजा-पाठ के विवाद में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो पुरोहितों की गोली ...और पढ़ें

आजमगढ़ में पूजा विवाद बना खूनी, पति ने पत्नी और पुरोहितों को मारा, फिर पुलिस मुठभेड़ में ढेर।

आजमगढ़ में पूजा विवाद बना खूनी, पति ने पत्नी और पुरोहितों को मारा, फिर पुलिस मुठभेड़ में ढेर।

HighLights

  1. आजमगढ़: पति ने पूजा विवाद में पत्नी और दो पुरोहितों को मारा।

जागरण संवाददाता, आजमगढ़।  शंभूपुर गहजी गांव में मंगलवार की शाम पूजा-पाठ के दौरान एक विवाद के चलते पति ने अपनी पत्नी और पूजा करा रहे दो पुरोहितों की गोली मारकर हत्या करने के बाद पुल‍िस ने एटीएस को भी बुलाया था। इस घटना के बाद आरोपित अपने तीन बच्चों के साथ एक कमरे में बंद हो गया।

सूचना मिलने पर डीआइजी सुनील कुमार सिंह, एसएसपी डा. अनिल कुमार सहित छह थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और मकान को चारों ओर से घेर लिया। पुलिस ने देर शाम तक आरोपित से दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन वह बाहर नहीं आया।

रात करीब 12.55 बजे एटीएस के साथ हुई मुठभेड़ में हत्यारोपित को गोली लगी, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इस मुठभेड़ में आरोपित अरविंद भी मारा गया। बताया गया है कि उसने अपने बेटे शौर्य को भी गोली मारी थी, जिसके इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। हालांक‍ि पुल‍िस की सूचना के अनुसार एटीएस की सक्र‍ियता के पूर्व ही उसे गोली मार दी गई थी। 

स्थानीय लोगों के अनुसार, शंभूपुर गहजी निवासी अरविंद सिंह की मां शमला देवी और पत्नी बबीता घर में शांति के लिए पूजा कराना चाह रही थीं, लेकिन अरविंद इसका विरोध कर रहा था। इसको लेकर घर में कई दिनों से विवाद चल रहा था। मंगलवार को पूजा का चौथा दिन था, जब अरविंद वापस घर लौटा और पूजा-पाठ होते देखकर भड़क गया। उसने पूजा करा रहे 60 वर्षीय महेंद्र पाठक, 50 वर्षीय अखिलेश मिश्रा और उनके 20 वर्षीय पुत्र हिमांशु मिश्रा को गालियां देने लगा।

यह भी पढ़ें : आजमगढ़ में पांच मौतों का सुनील की बेचैन आत्‍मा से सामने आया कनेक्शन, हत्‍या की थ्‍योरी से हर कोई हैरान

बबीता और शमला देवी ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन अरविंद ने पुरोहितों को ढोंगी बताते हुए आधार कार्ड मांगने लगा। पुरोहितों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद अरविंद ने पत्नी से मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान पुरोहितों ने मोबाइल से इसका वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो बनाते देखकर अरविंद ने घर में रखी लाइसेंसी रिवाल्वर निकाल ली और पहले पत्नी बबीता को गोली मारी। इसके बाद महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा को भी गोली मारी।

घटना के बाद हिमांशु शोर मचाते हुए घर से बाहर भाग निकला। पुलिस को रात करीब आठ बजे इस घटना की सूचना मिली। एसएसपी डा. अनिल कुमार, एसओजी प्रभारी संजय सिंह और अन्य पुलिसकर्मी आरोपित के कमरे में दाखिल हुए। जब आरोपित ने अपने बेटे को गोली मारी, तब बिटिया चिल्लाई। पुलिस ने शोर मचाकर आरोपित का ध्यान भटकाया और दरवाजा तोड़कर कमरे में दाखिल हुई।

पुलिस ने तख्त का सहारा लेकर गोली चलाई, जबकि आरोपित ने भी पुलिसकर्मियों पर गोली चलाई। पुलिस ने आरोपित को मनाने के लिए उसके चाचा, बुआ और गांव के अन्य लोगों को बुलाया, लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी। रेसक्यू ऑपरेशन शाम साढ़े बजे से शुरू हुआ और रात करीब 12.45 बजे पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई। इस घटना में आरोपित ने रिवाल्वर से गोली चलाई थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया। एडीजी जोन वाराणसी, डीआइजी, एसएसपी, एसपी सिटी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें : आजमगढ़ में चार लोगों की गोली मारकर हत्‍या, एनकाउंटर में हत्‍यारा भी ढेर; हत्‍या के पांच साल पुराने मामले से निकला संबंध