आजमगढ़ के इस आईएएस अधिकारी को पश्चिम बंगाल में चुनाव पर्यवेक्षक पद से हटाया गया, इस वजह से रहे हैं चर्चा में...
आजमगढ़ के मूल निवासी आईएएस अधिकारी अनुराग यादव को पश्चिम बंगाल में चुनाव पर्यवेक्षक पद से हटा दिया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ एक ...और पढ़ें

आजमगढ़ के आईएएस अनुराग यादव पश्चिम बंगाल चुनाव पर्यवेक्षक पद से हटाए गए, विवादों में घिरे।
HighLights
आईएएस अनुराग यादव पश्चिम बंगाल पर्यवेक्षक पद से हटाए गए।
मुख्य चुनाव आयुक्त संग वर्चुअल बैठक में हुई नोकझोंक।
25,000 करोड़ के फर्जी कंपनी एमओयू विवाद में भी रहे।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों की तैयारियों के बीच, आजमगढ़ में सठियांव ब्लाक में ग्राम भगवानपुर के मूल निवासी अनुराग यादव एक बार फिर चर्चा में हैं। बीते बुधवार को चुनाव आयोग ने एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया, जिसकी अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने की। यह बैठक वर्चुअल थी, लेकिन चर्चा का केंद्र तब बन गई जब मुख्य चुनाव आयुक्त और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनुराग यादव के बीच नोकझोंक हो गई।
अनुराग यादव का प्रशासनिक करियर विविधतापूर्ण रहा है। उन्होंने झांसी और लखनऊ के साथ ही पूर्वांचल के ही जौनपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में जिलाधिकारी के रूप में कार्य किया है। इसके अलावा, उन्होंने कृषि, शहरी विकास और वित्त जैसे विभागों में सचिव के पद पर भी अपनी सेवाएं दी हैं। जनवरी 2025 में उन्हें आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया था। वह समाज कल्याण और सैनिक कल्याण विभाग में प्रमुख सचिव के पद पर कार्यरत हैं।
हाल ही में, अनुराग यादव का नाम 25,000 करोड़ रुपये के उस प्रकरण में सामने आया था जहां एक कागजी कंपनी के साथ समझौता कर लिया गया था। माना जा रहा है कि इस मामले में ही कुछ दिन पूर्व उन्हें आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव पद से हटाकर समाज कल्याण विभाग में स्थानांतरित किया गया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने 'AI PUCH' नाम की एक कागजी कंपनी संग 25,000 करोड़ रुपये का भारी भरकम समझौता (MoU) किया था। इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को भी खूब घेरा, इसके बाद 30 मार्च को उनका तबादला किया गया।
अनुराग यादव की प्रशासनिक पृष्ठभूमि और हालिया विवाद ने उन्हें एक बार फिर से सुर्खियों में ला दिया है। उनके कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया है, लेकिन इस विवाद ने उनको एक बार फिर से चर्चा में ला दिया है। आजमगढ़ में सठियांव ब्लाक में ग्राम भगवानपुर के मूल निवासी अनुराग यादव के घर पर परिवार के अन्य सदस्य ही रहते हैं। हालांकि वह कभी कभार यहां आते रहे हैं। वहीं कूच बिहार प्रकार में उनके हटाए जाने के बाद से जिले में उनका नाम चर्चा में एक बार फिर आ गया है। वहीं जागरण ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की तो बताया कि देर रात तक वह लखनऊ आ जाएंगे।