यूपी पंचायत चुनाव में देरी का गांवों के विकास पर पड़ रहा असर, भुगतान न होने से काम ठप
यूपी पंचायत चुनाव में देरी के कारण पिछले छह महीनों से ग्राम पंचायतों में विकास कार्य ठप पड़े हैं, जिससे ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों को समस्याओं का साम ...और पढ़ें

यूपी पंचायत चुनाव में देरी का गांवों के विकास पर पड़ रहा असर।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, फूलपुर (आजमगढ़)। पंचायत चुनाव की घोषणा समय से न होने के कारण पिछले छह माह से ग्राम पंचायतों में विकास कार्य लगभग ठप पड़े हैं। वहीं मनरेगा एवं जी-राम-जी योजना के अंतर्गत कराए गए विकास कार्यों में मैटेरियल भुगतान न होने से ग्राम प्रधानों की परेशानी बढ़ गई है।
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल आगामी 26 मई को समाप्त हो रहा है। ऐसे में प्रधान ग्रामीणों के छोटे-बड़े कार्यों को लेकर तहसील व ब्लॉक कार्यालयों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। चुनाव को लेकर बनी असमंजस की स्थिति से गांवों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
भीषण गर्मी के बीच गांवों के कई तालाब सूख चुके हैं तथा इंडिया मार्का हैंडपंप खराब पड़े हैं। यदि गर्मी का प्रकोप इसी तरह जारी रहा तो आम लोगों के साथ पशु-पक्षियों को भी पानी के संकट का सामना करना पड़ सकता है।
दूसरी ओर उच्चाधिकारियों द्वारा ग्राम प्रधानों व सचिवों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि गांवों में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ की जाए तथा खराब हैंडपंपों को तत्काल ठीक कराया जाए।
उधर पंचायत सहायकों के मानदेय तथा सामुदायिक शौचालयों के केयरटेकरों के भुगतान को लेकर भी समस्या बनी हुई है। राज्य वित्त से धनराशि न मिलने के कारण कई योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
प्रधान रेणु यादव, रीनू यादव, अनिता गोंड, कुंजन गौतम आदि का कहना है कि पिछले चार वर्षों तक विकास कार्य सुचारु रूप से चलते रहे, लेकिन पंचायत चुनाव की घोषणा में देरी होने से बीते छह माह से विकास कार्य प्रभावित हैं। इससे ग्रामीणों के बीच जवाबदेही का संकट खड़ा हो गया है।
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इस संबंध में खंड विकास अधिकारी फूलपुर फूलचंद सरोज ने बताया कि ऑनलाइन फीडिंग कार्य, पंचायत सहायकों तथा सामुदायिक शौचालय के केयरटेकरों के मानदेय में कोई रुकावट नहीं होगी। आईडी जनरेट हो चुके एवं स्वीकृत कार्यों के भुगतान में भी कोई समस्या नहीं आएगी। मैटेरियल सप्लायरों की फर्मों का भुगतान धनराशि उपलब्ध होते ही कर दिया जाएगा।