यूपी में बिना उपभोक्ता की सहमति के नहीं लगेंगे स्मार्ट प्रीपेड मीटर, कर्मचारियों पर जबरन Meter लगाने का आरोप
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता की सहमति के बिना स्मार्ट प्रीपेड मीटर नहीं लगाए जा सकते। बिजली अधिनियम 2003 के तहत उपभोक्ता की अनु ...और पढ़ें

बिना उपभोक्ता की सहमति नहीं लगेंगे स्मार्ट प्रीपेड मीटर।

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जागरण संवाददाता, फूलपुर (आजमगढ़)। केंद्र सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर चल रही आशंकाओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने लोकसभा में कहा कि उपभोक्ताओं की सहमति के बिना किसी भी कनेक्शन को प्रीपेड मोड में नहीं बदला जा सकता।
उन्होंने बताया कि बिजली अधिनियम 2003 की धारा 47(5) के तहत उपभोक्ता की अनुमति के बाद ही स्मार्ट मीटर को प्रीपेड मोड में लगाया जा सकता है। यदि कोई उपभोक्ता स्वयं प्रीपेड मीटर चाहता है, तो वितरण कंपनियों को यह सुविधा उपलब्ध करानी होगी।
कर्मचारियों पर जबरन मीटर लगाने का आरोप
इस बयान के बाद राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने सरकार और नियामक आयोग से नियमों का सख्ती से पालन कराने की मांग की है। इतना सब होने के बाद भी फूलपुर क्षेत्र में उपभोक्ताओं पर जबरन स्मार्ट मीटर थोपा जा रहा है। अनुमति छोड़िए विभाग के अधिकारी और कर्मचारी गांव और बाजारों में उपभोक्ताओं कर घरों में जबरन स्मार्ट मीटर लगा रहे हैं।
स्मार्ड मीटर रिचार्ज बैलेंस खत्म होते ही विद्युत आपूर्ति बंद हो जाएगी। व्यापारी वर्ग या नौकरी पेशा वाले तत्काल रिचार्ज तो कर सकते हैं। गांव का गरीब मजदूर किसान कैसे तत्काल रिचार्ज कर पायेगा।
स्मार्ड मीटर सबसे अधिक समस्या ग्रामीण किसान मजदूर को है स्मार्ड मीटर से ऊपर से बिद्युत विभागीय अधिकारों दबाव बनाकर मीटर स्थापित करा रहे। जिसे लेकर उपभोक्ताओं में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
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