बदायूं में बिरयानी खाने के बहाने 1 करोड़ की साजिश: सर्राफा कारोबारी का ड्राइवर निकला मास्टरमाइंड, ₹79 लाख नकद बरामद
बदायूं में सराफा कारोबारी का ड्राइवर अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर करीब एक करोड़ रुपये की नकदी और जेवरात लेकर ...और पढ़ें

एआई इमेज है।
HighLights
सराफा कारोबारी की रकम व सामान लेने मेरठ से कर्मचारी के साथ आया था चालक, रिश्तेदार लगा था पीछे
सीसीटीवी फुटेज की मदद से चालक और रिश्तेदार गिरफ्तार, 79 लाख रुपये, 101.68 ग्राम सोने के जेवर बरामद
जागरण संवाददाता, बदायूं। सराफा कारोबारी का माल लेकर बदायूं से मेरठ जा रहे ड्राइवर ने अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर करीब एक करोड़ रुपये की नकदी और जेवरात पार कर दिए। घटना के दो दिन बाद कारोबारी में एसएसपी को मामले की जानकारी दी। इसके बाद तत्परता दिखाते हुए एसओजी और सिविल लाइंस पुलिस ने राजफाश करते हुए चालक और उसके रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया।
उनके कब्जे से 79 लाख रुपये नकद और करीब 15 लाख रुपये कीमत के 101.68 ग्राम जेवरात बरामद किए हैं। घटना में प्रयुक्त कार भी पुलिस ने कब्जे में ली है। पूछताछ में सामने आया कि चोरी की रकम में से छह लाख रुपये आरोपितों ने अपने एक साथी को दिए थे।
पुलिस के अनुसार, मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के इस्लामाबाद निवासी आरिफ अंसारी, सराफा कारोबारी शेख दिलावर हुसैन के यहां चालक है। 10 सितंबर को वह सर्राफ के नौकर सरफराज के साथ माल और रुपये लेकर बदायूं से मेरठ लौट रहे थे।
इसी दौरान आरिफ ने पहले से बनाई योजना के तहत दास कालेज के पास बिरयानी खाने के बहाने गाड़ी खड़ी की। गाड़ी में रखे माल और रुपये निकालने के लिए उसे बिना लाक छोड़ा गया और सरफराज को दूर बिरयानी की दुकान पर ले गया।
इसी दौरान आरिफ का रिश्तेदार वसीम अंसारी अपनी कार से वहां पहुंचा और दूसरी गाड़ी में रखे सोने के जेवरात व नकदी निकाल ली। किसी को उन पर शक न हो, इसलिए गाड़ी का पीछे का शीशा भी तोड़ दिया।
चोरी के बाद वसीम रुपये और जेवर लेकर बदायूं में ही छिप गया। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपित शनिवार को चोरी का माल लेकर मेरठ जा रहे थे, तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने वसीम के पास से 500 रुपये के नोटों की 100 गड्डियां यानी 50 लाख रुपये और मोबाइल बरामद किया। वसीम की कार से 500 रुपये की 57 गड्डियां और 100 रुपये की पांच गड्डियां यानी 29 लाख रुपये तथा एक प्लास मिला।
आरिफ के पास से कुल 101.68 ग्राम सोने के जेवरात मिले। पूछताछ में दोनों ने बताया कि कर्ज होने के कारण उन्होंने चोरी की योजना बनाई थी। आरिफ को मालिक की गतिविधियों की जानकारी थी, इसी का फायदा उठाकर दोनों ने घटना को अंजाम दिया।
पुलिस ने मुकदमे में चोरी की रकम व माल बरामद होने के बाद षड़यंत्र रचने और चोरी का माल रखने की धारा बढ़ाई। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। एसएसपी अंकिता शर्मा ने राजफाश करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया है।
