Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बरेली-मथुरा सिक्सलेन हाईवे: बदायूं में 500 से अधिक मकान-दुकान टूटना शुरू

    Updated: Wed, 04 Feb 2026 07:50 AM (IST)

    बरेली-मथुरा हाईवे को सिक्सलेन में चौड़ा करने का काम बदायूं जिले में तेजी से चल रहा है। इस परियोजना के तहत कछला से बरेली तक 500 से अधिक मकान, दुकान और ...और पढ़ें

    हाईवे निर्माण के लिए तोड़ रहे मकान।

    हाईवे निर्माण के लिए तोड़ रहे मकान।

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण संवाददाता, बदायूं। बरेली-मथुरा हाईवे को चौड़ीकरण किए जाने का कार्य जारी है। यह कार्य चार पैकेज में कराया जा रहा है। इसमें जिले में तीसरे और चौथे पैकेज का काम चल रहा है। इसे चौड़ीकरण कर सिक्सलेन किया जा रहा है। इसके कार्य में कछला से लेकर बरेली की सीमा तक करीब पांच सौ से अधिक मकान, दुकान, होटल और ढाबे आ रहे हैं।

    इन पर पहले लाल निशान लगाकर मुआवजा आदि दिए जाने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। अब कार्य ने तेजी पकड़ी तो इनको तोड़ा जाना शुरू कर दिया गया है। इन दिनों मेडिकल कॉलेज के आसपास के कई बड़ी आवासीय और घरेलू भवनों को तोड़ा जा रहा है।

    कछला से बरेली तक हटाए जाएंगे करीब पांच सौ से अधिक मकान, दुकान, होटल और ढाबे

    बरेली−मथुरा हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य अब तेजी पकड़ चुका है। कछला से बदायूं और बदायूं से बरेली तक यह कार्य तेजी से किया जा रहा है। जगह जगह रूट डायवर्जन कर के रखा गया है। वर्तमान हाईवे से अब सड़क काफी ऊंची बनाई जा रही है। इस कार्य के शुरू किए जाने से पहले ही इस मार्ग पर लगे खंभे, पेड़, मकान, दुकान, होटल और ढाबों को हटाने के लिए कहा गया था।

    कछला से बरेली तक चल रहा तीसरे और चौथे पैकेज का कार्य, पहले दिया जा चुका मुआवजा

    इसके लिए निशान आदि लगाए गए थे। पेड़ों को काटने के साथ ही एक वन स्थापित करना तय हुआ था। वहीं जो भवन, दुकान आदि हटाए जाने थे, इसके लिए करोड़ों रुपये मुआवजे के रूप में मकान व दुकान स्वामियों को दिए गए थे। कछला से बदायूं तक करीब ढाई सौ और यहां बरेली तक भी करीब इतने ही भवनों को हटाया जाना है। जैसे जैसे काम आगे बढ़ रहा है, इन भवनों को तोड़े जाने का काम शुरू हो गया है।

    खबरें और भी

    कई जगह भवन व दुकान स्वामी खुद ही अपने भवनों को तोड़ रहे हैं

    कई जगह भवन व दुकान स्वामी खुद ही अपने भवनों को तोड़ रहे हैं। वहीं कई इलाके में यह कार्य एनएचएआई द्वारा कराया जा रहा है। बताते हैं कि जो बड़े भवन है, उन सभी को खुद ही मकान स्वामियों द्वारा कम नुकसान हो इसलिए खुद तुड़वा लिया जा रहा है।

    शहर में मेडिकल कॉलेज के सामने कई भवन पांच से दस साल के भीतर इस उम्मीद से बनाए गए थे कि मेडिकल कॉलेज का लाभ मिलेगा। लेकिन बरेली-मथुरा हाईवे के चौड़ीकरण सिक्सलेन किए जाने का कार्य शुरू होने से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है।

    पीछे के खेत और जमीनों को मिला लाभ

    हाईवे के चौड़ीकरण की जद में आए जिन मकानों, भवनों को तोड़ा जा रहा है, उन्हें तो मुआवजा मिल गया है। लेकिन उनके पीछे जो जमीनें पड़ी थीं, उनको काफी लाभ हो गया है। वह जो अब तक पीछे थे वह अब सीधे तौर पर हाईवे पर सामने आ गए हैं। जिससे उन्हें आने वाले समय लाभ मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

    बरेली-मथुरा हाईवे के चौड़ीकरण को लेकर कई जगह अधिग्रहण किया गया है। सभी को मुआवजा दिया गया है। उसी के तहत भवन तोड़े जाने का कार्य चल रहा है। जिससे कार्य में बाधा न आए और आसानी से कार्य हो सके।

    -

    उत्कर्ष शुक्ला, परियोजना निदेशक, एनएचएआई