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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Election 2024: दिलचस्प हुआ बदायूं का चुनाव, सपा-भाजपा के बाद अब मायावती ने इस पूर्व विधायक को बनाया प्रत्याशी!

    Updated: Sat, 13 Apr 2024 06:33 PM (GMT+05:30)

    Lok Sabha Election Badaun Seat बसपा ने खेला मुस्लिम कार्ड मुस्लिम खां होंगे चेहरा। अब बसपा ने मुस्लिम कार्ड खेल दिया है। पूर्व विधायक मुस्लिम खां पार् ...और पढ़ें

    Badaun News: बसपा ने खेला मुस्लिम कार्ड, मुस्लिम खां होंगे चेहरा
    Badaun News: बसपा ने खेला मुस्लिम कार्ड, मुस्लिम खां होंगे चेहरा

    HighLights

    1. अधिकृत घोषणा कल करेगी पार्टी, 18 को कराएंगे नामांकन
    2. शाक्य, यादव और मुस्लिम के बीच होगा त्रिकोणीय मुकाबला

    जागरण संवाददाता, बदायूं। संसदीय सीट बदायूं पर नामांकन की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। उम्मीदवारों के नामांकन कराने के लिए अब महज चार दिन का समय बचा है। भाजपा और सपा ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है, लेकिन प्रत्याशी चयन में बसपा पिछड़ गई है।

    बहुजन समाज पार्टी बदायूं सीट पर अभी तक जीत तो दर्ज नहीं कर सकी है, लेकिन लड़ाई में बनी रहती आई है। इस बार चुनावी हलचल शुरू होने के साथ ही पार्टी के जिम्मेदार कोई मुस्लिम चेहरा चुनाव मैदान में उतारने की बात कहते रहे हैं। कई चर्चित मुस्लिम नेताओं से बात होने के बाद भी टिकट फाइनल नहीं हो पा रहा था।

    सपा से असंतुष्ट चल रहे मुस्लिम नेताओं से भी बसपा के नेताओं ने संपर्क साधा था, बात राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती तक भी पहुंची थी, लेकिन बात नहीं बन पाई थी। अब पूर्व विधायक मुस्लिम खां का नाम तय हो गया है। मंडलीय और जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ लखनऊ जाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती से भी मुलाकात कर आए हैं, उन्होंने भी ग्रीन सिग्नल दे दिया है।

    2002 से बसपा से जुड़े हैं

    मुस्लिम खां वर्ष 2002 से बसपा से जुड़े हुए हैं। बसपा के टिकट पर 2007 में उसहैत विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। 2009 में परिसीमन के बाद उसहैत सीट खत्म करके शेखूपुर नई विधानसभा सीट सृजित की गई। 2012 के चुनाव में उन्हें शेखूपुर से टिकट नहीं मिला था तो निर्दलीय चुनाव लड़े थे। हालांकि बाद में फिर बसपा में आ गए थे और 2022 का चुनाव भी बसपा के टिकट पर लड़ा था।

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    मुस्लिम खां नगर परिषद ककराला के चार बार चेयरमैन भी रहे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा का गठबंधन था, बदायूं सीट सपा के खाते में गई थी। इस बार बसपा अकेले दम पर चुनाव मैदान में है। बसपा के मंडल प्रभारी हेमेंद्र गौतम, रवि मौर्य, जिलाध्यक्ष आरपी त्यागी एडवोकेट, महासचिव मनोज कश्यप, राजेश सागर, नीरज दिवाकर, गुरुदयाल भारती, संजय सागर, उमलेश भारती, जनक सिंह, रामचंद्र, गरिश चंद्र ने मुस्लिम खां का माला पहनाकर स्वागत किया।

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    18 को नामांकन करेंगे

    15 अप्रैल को अधिकृत रूप से घोषणा की जाएगी और 18 अप्रैल को नामांकन कराएंगे। बता दें कि भाजपा से दुर्विजय सिंह शाक्य, सपा के आदित्य यादव हैं। अब बसपा के मुस्लिम उम्मीदवार उतारने से संघर्ष त्रिकोणीय होने के आसार बनने लगे हैं। बसपा के मुस्लिम कार्ड खेलने से लड़ाई रोचक होती दिखने लगी है।