विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मुढ़ा पुख्ता पुल: 42 करोड़ का पुल 3 साल से अधूरा, कट गई एप्रोच रोड; फरीदपुर-दातागंज के बीच नाव ही एकमात्र सहारा

Published: Tue, 27 Oct 2026 05:00 PM (IST)

मुढ़ा पुख्ता पुल की एप्रोच रोड तीन साल से अधूरी है, जिससे फरीदपुर और दातागंज के बीच सीधा आवागमन ठप ...और पढ़ें

पुल न होने के चलते नदी से होकर जाते लोग, किनारे खड़ी नाव। सौ ग्रामीण

पुल न होने के चलते नदी से होकर जाते लोग, किनारे खड़ी नाव। सौ ग्रामीण

HighLights

  1. नदी पार करने के लिए दो नावों का सहारा, किसानों को दातागंज और समरेर में बेचनी पड़ रही सब्जियां

संवाद सहयोगी, दातागंज (बदायूं)। रामगंगा पर बना मुढ़ा पुख्ता पुल दो जिलों के बीच दूरी घटाने के बजाय ग्रामीणों की रोजी-रोटी पर भारी पड़ रहा है। करीब 42 करोड़ रुपये की लागत से बने पुल की फरीदपुर की ओर एप्रोच रोड सितंबर 2023 में बाढ़ के तेज बहाव में करीब 180 मीटर तक कटकर बह गई थी।

इसके बाद से दातागंज और फरीदपुर के बीच सीधा आवागमन ठप है। तीन साल से रास्ता बंद होने का खामियाजा किसानों, मजदूरों, विद्यार्थियों और कारोबारियों को भुगतना पड़ रहा है।

पहले फरीदपुर की शहरी मंडी में सब्जियां बेचकर बेहतर मुनाफा कमाने वाले किसान अब दातागंज और समरेर में फसल बेचने को मजबूर हैं। फरीदपुर पहुंचने के लिए लोगों को लंबा चक्कर काटना पड़ता है।

नदी पार करने वालों को दो नावों और पैदल सफर का सहारा लेना पड़ रहा है। एप्रोच रोड कटने के बाद मरम्मत और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन काम अब तक पूरा नहीं हुआ।

संपर्क मार्ग अधूरा होने से बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हो सकी है। फिलहाल रामगंगा पार करने के लिए दो नावों का सहारा लेना पड़ता है। जलस्तर बढ़ने से नदी का बहाव दो हिस्सों में बंट गया है।

राहगीर पहले एक नाव से नदी पार करते हैं, फिर कुछ दूरी पैदल चलकर दूसरी नाव पकड़ते हैं। फरीदपुर के खल्ललपुर गांव पहुंचने के बाद आगे का सफर डग्गामार वाहनों से तय करना पड़ता है।

आवागमन बाधित होने का असर किसानों की आमदनी पर पड़ा है। फरीदपुर मंडी में सब्जियों के बेहतर दाम मिलते थे, जबकि अब उन्हें दातागंज और समरेर में फसल बेचनी पड़ रही है।

मजदूरी और दूसरे कामों के लिए भी ग्रामीणों को अधिक समय और खर्च करना पड़ रहा है। बरेली जिले में पढ़ाई के लिए फरीदपुर जाने वाले विद्यार्थियों को भी रास्ता बदलना पड़ा है।

बाजार की रौनक घटी, कारोबार प्रभावित

पुल चालू रहने पर चार पहिया वाहनों की आवाजाही से समरेर के दुकानदारों और होटल संचालकों का कारोबार अच्छा चलता था। रास्ता बंद होने के बाद वाहनों की संख्या घटी और बिक्री प्रभावित हुई।

मुढ़ा के दुकानदारों को अब परचूनी का सामान दातागंज से खरीदना पड़ता है। पहले फरीदपुर से सस्ता सामान मिल जाता था, जिससे उनका मुनाफा अधिक रहता था।

 

मुढ़ा पुख्ता पुल की फाइल तैयार कर शासन को भेजी जा चुकी है। शासन स्तर से बजट नहीं मिल रहा है। ऐसा क्यों है, इसकी जानकारी नहीं है। विभाग की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

- नरेश कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी


यह भी पढ़ें- रामगंगा का अधूरा मुढ़ा पुख्ता पुल खुले तो आसान होगा गंगा एक्सप्रेस-वे का सफर, बदायूं-बरेली के लिए बन सकता है लाइफलाइन

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।