सैजनी में 400 एकड़ जमीन देने को तैयार हुए किसान, अब यूपीसीडा विकसित करेगा हाई-टेक औद्योगिक पार्क
दातागंज के सैजनी में नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। 243 किसानों ने लगभग ...और पढ़ें

एआई इमेज
HighLights
करीब 1200 बीघा भूमि पर विकसित होना है औद्योगिक पार्क, यूपीसीडा के अधिकारी कर चुके हैं निरीक्षण
गौरव गुप्ता, दातागंज (बदायूं)। जिले में औद्योगिक विकास की संभावनाओं को विस्तार देने की कोशिशों के बीच दातागंज तहसील के सैजनी में नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की दिशा में अहम कदम बढ़ा है। प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के लिए 243 किसान करीब 400 एकड़ जमीन देने को तैयार हो गए हैं।
किसानों की ओर से सहमति पत्र भी दिए जा चुके हैं। इससे परियोजना को आगे बढ़ाने की उम्मीद मजबूत हुई है। हालांकि, अभी जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया और औद्योगिक क्षेत्र के विकास से जुड़े अगले चरण पूरे होने बाकी हैं।
सैजनी में औद्योगिक पार्क विकसित करने की योजना ऐसे समय आगे बढ़ रही है। जब 12 मार्च को गांव स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड के कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या के बाद औद्योगिक गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ी थी।

घटना के बाद प्लांट का संचालन भी प्रभावित हुआ। इसके बावजूद जिले में औद्योगिक निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के प्रयास जारी रहे। अब नवीन औद्योगिक क्षेत्र के लिए किसानों की सहमति मिलना इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एसडीएम दातागंज विनोद कुमार सिंह ने बताया कि प्रस्तावित औद्योगिक पार्क के लिए करीब 1200 बीघा भूमि चिह्नित करने की योजना है। इसमें सरकारी जमीन भी उपलब्ध बताई जा रही है।
किसानों की सहमति मिलने के बाद परियोजना के लिए जमीन की उपलब्धता का आकलन करने और आगे की प्रक्रिया बढ़ाने में मदद मिलेगी।माना जा रहा है कि इन किसानों से सीख लेकर अन्य भी आगे बढ़ेंगे।
बता दें कि कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के अधिकारियों ने भी क्षेत्र का निरीक्षण किया था। इससे परियोजना को लेकर विभागीय स्तर पर गतिविधियां आगे बढ़ने के संकेत मिले हैं।
औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने पर बढ़ेंगी निवेश की संभावनाएं
सीबीजी प्लांट और महिला पीएसी बटालियन की स्थापना के बाद इस सैजनी गांव में औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने पर दातागंज और आसपास के इलाकों में निवेश की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
यहां उद्योग स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने, परिवहन और अन्य कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, निवेश, उद्योगों की स्थापना और रोजगार की वास्तविक तस्वीर परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद ही स्पष्ट होगी।
अब निगाहें जमीन उपलब्ध कराने की अगली प्रक्रिया, औद्योगिक क्षेत्र के विकास की समय सीमा और यहां स्थापित होने वाले उद्योगों पर टिकी हैं। किसानों की सहमति के बाद चुनौती इस प्रस्ताव को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने और इसे वास्तविक औद्योगिक निवेश में बदलने की होगी।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।