गाजियाबाद के स्कूल की बस में लगी आग के बाद मची चीख-पुकार, इसमें सवार थे 22 बच्चे; सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अभिभावक
गाजियाबाद के दिल्ली पब्लिक वर्ल्ड स्कूल की बस में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। इससे उसमें सवार 22 बच्चों में अफरातफरी और चीख पुकार मच गई।

गाजियाबाद के दिल्ली पब्लिक वर्ल्ड स्कूल की बस में लगी आग।
HighLights
बागपत के सुभानपुर गांव के पास गाजियाबाद की सीमा में है दिल्ली पब्लिक वर्ल्ड स्कूल ।
बस में बागपत जिले के बच्चे भी थे सवार, अभिभावकों ने जर्जर बसों पर जताई चिंता।
संवाद सहयोगी, खेकड़ा (बागपत)। गाजियाबाद के एक पब्लिक स्कूल की दौड़ती बस में शार्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। गनीमत रही कि धुआं उठने पर महज एक मिनट पहले ही 22 बच्चे, हेल्पर और चालक बस से नीचे उतर गए और उनकी जान बच गई।
अधिकांश बच्चों के बैग आग में जल गए। हादसे से बच्चे सहम गए। दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। वहीं, एआरटीओ विपिन कुमार ने घटना की जांच-पड़ताल की।
बागपत के ग्राम सुभानपुर के पास गाजियाबाद की सीमा में दिल्ली पब्लिक वर्ल्ड स्कूल है। बुधवार दोपहर में स्कूल की छुट्टी होने के बाद चालक प्रिंस बस में गांव अब्दुलपुर, नूरपुर खालसा, एनबीसीसी कालोनी व मंडोला के 25 बच्चों को छोड़ने के लिए निकले थे। जिला कारागार रोड पर अब्दुलपुर में तीन बच्चों को उतारा गया। कुछ दूर चलते ही दोपहर करीब दो बजे बस के इंजन के पास धुआं उठने लगा तो बच्चों ने शोर मचा दिया।
चालक ने सुझबूझ का परिचय देते हुए बस को तुरंत रोका। चालक के शोर मचाने पर आनन-फानन में सभी 22 बच्चे अपने बैग छोड़कर बस से उतर गए। इसके एक मिनट बाद ही बस आग के गोले में तब्दील हो गई। ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे। खेकड़ा व गाजियाबाद के ट्रानिका सिटी के फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने पहुंचकर आग पर काबू पाया।
एआरटीओ विपिन कुमार और खेकड़ा कोतवाली प्रभारी आशीष कुमार भी मौके पर पहुंचे। एआरटीओ का कहना है कि हादसे के कारण का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रथम दृष्टया जांच में शार्ट सर्किट से आग लगना माना जा रहा है।
वहीं, दिल्ली पब्लिक वर्ल्ड स्कूल के प्रबंधक आरके त्यागी का कहना है कि शार्ट सर्किट से बस में आग लगी थी। बस में सवार सभी बच्चों को चालक और हेल्पर ने समय रहते उतार दिया था। सभी बच्चे सही सलामत घर भेजे गए हैं।
बच्चों को सुरक्षित पाकर स्वजन ने ली राहत की सांस
अभिभावक जानकारी मिलते ही हादसा स्थल की ओर दौड़ पड़े। उन्होंने बच्चों को सुरक्षित पाकर राहत की सांस ली। हादसे से अभिभावकों में रोष है। दीपक, मनोज व संजय आदि का कहना है कि ट्रांसपोर्ट के नाम पर स्कूल संचालक मनमर्जी से रकम वसूलते हैं। उसके बावजूद अधिकांश पुराने व जर्जर वाहनों से बच्चों को सफर कराया जाता है। यह हादसा भी इसी का नतीजा है।
